सेवा और समर्पण का कीर्तिमान: उत्तर-पश्चिम क्षेत्र बना देश का नंबर-1 क्षेत्र, 1.75 लाख महिलाओं की एनीमिया जांच का बनाया रिकॉर्ड

​भीलवाड़ा । भारत विकास परिषद के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र ने सत्र 2025-26 में अपनी कर्तव्यनिष्ठा से देशभर में सेवा का नया इतिहास रच दिया है। नेशनल एग्जिक्यूटिव कमिटी की वर्चुअल बैठक में क्षेत्र की वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें उत्तर-पश्चिम क्षेत्र की उपलब्धियों को पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ माना गया। क्षेत्रीय महासचिव सीए संदीप बाल्दी ने बताया कि इस सत्र में क्षेत्र ने 10 प्रतिशत सदस्यता वृद्धि के लक्ष्य को पार करते हुए 16,845 सदस्यों का आंकड़ा छू लिया है, जो पूरे देश में किसी भी क्षेत्र की सर्वाधिक सदस्यता है। संगठन विस्तार की दिशा में 15 नई शाखाओं का गठन किया गया और सेवा कार्यों के लिए रिकॉर्ड 33 विकास रत्न व 197 विकास मित्र बनाए गए।

​स्वास्थ्य क्षेत्र में क्षेत्र ने एक ही दिन में 1,75,490 बालिकाओं व महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच कर एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके साथ ही 328 स्थायी सेवा प्रोजेक्ट्स के जरिए 60 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के लोक कल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं। रक्त सेतु मोबाइल एप के माध्यम से 12,607 यूनिट रक्त संग्रहण, 72 नेत्रदान और सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता जैसे कार्यों ने मानवता की सेवा में नई मिसाल पेश की है। शिक्षा और संस्कारों की दिशा में 'भारत को जानो' प्रतियोगिता में करीब 4.58 लाख विद्यार्थियों की भागीदारी और तकनीक का प्रयोग सराहनीय रहा। पर्यावरण संरक्षण हेतु 'सीड बॉल थ्रो' व प्लास्टिक मुक्त अभियान भी प्रभावी रहे। क्षेत्रीय संरक्षक राधेश्याम रंगा व अध्यक्ष अरविंद गोयल के नेतृत्व में हुए इन कार्यों की केंद्रीय समिति ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। बाल्दी ने इस सफलता का श्रेय समस्त राष्ट्रीय, प्रांतीय व शाखा स्तरीय कार्यकर्ताओं के समर्पित संकल्प को दिया है।

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