श्री सांवलिया सेठ मंदिर में जन्माष्टमी से जलझूलनी एकादशी तक भक्ति और देशभक्ति का अनूठा संगम

भीलवाड़ा, — भीलवाड़ा के पास स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर, नोगांवा, इस वर्ष जन्माष्टमी से लेकर जलझूलनी एकादशी तक विशेष आयोजनों की एक श्रृंखला के लिए तैयार है, जो भक्तों को आध्यात्मिकता और देशभक्ति के एक अविस्मरणीय अनुभव में सराबोर कर देगी। श्री सांवलिया सेठ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद सोडाणी और महामंत्री कैलाश डाड ने इन भव्य आयोजनों की विस्तृत जानकारी साझा की।

वृंदावन की झलक और स्वतंत्रता दिवस का उत्साह

इस वर्ष जन्माष्टमी पर, मंदिर में वृंदावन की मनमोहक चलित और विद्युत झांकियां सजाई जाएंगी। भक्त 15 और 16 अगस्त को इन अलौकिक झांकियों के दर्शन का लाभ उठा सकेंगे। इसके साथ ही, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंदिर परिसर को तिरंगा रोशनी और झंडियों से जगमगाया जाएगा। यह अद्भुत पहल देशभक्ति और आध्यात्मिकता का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी, जो हर आगंतुक के हृदय को छू लेगी।

वृंदावन के कुशल कलाकार मंदिर में फूल बंगला सजाएंगे, जो ठाकुरजी की शोभा को और बढ़ाएगा। सावन के पूरे महीने, भक्तों के लिए ठाकुरजी के झूला दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे वे पूरे माह प्रभु की लीलाओं का आनंद ले सकें।

भव्य आयोजनों के लिए समितियों का गठन

ट्रस्ट ने इन विशाल आयोजनों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया है:

* मेला समिति: 3 सितंबर को जलझूलनी एकादशी पर लगने वाले मेले की जिम्मेदारी राकेश तिवारी को सौंपी गई है, जिसमें जितेंद्र सह-प्रमुख होंगे।

* कूपन वितरण: हितेश तिवारी प्रमुख होंगे।

* गौशाला दर्शन: सूरज सिंह और बाबूलाल जिम्मेदारी संभालेंगे।

* पंचगव्य दवा: राजकुमार और महेंद्र व्यवस्था देखेंगे।

* भोजन निर्माण: श्रवण सेन इस कार्यभार को संभालेंगे।

* अल्पाहार निर्माण: मदन धाकड़ की देखरेख में होगा।

* टेंट लाइट: गोपाल इनानी और सुनील नवाल व्यवस्था संभालेंगे।

* पेयजल व्यवस्था: लघु उद्योग भारती के शंभू काबरा और संजीव चिरानिया जिम्मेदारी निभाएंगे।

* मंदिर सजावट: गिरिराज काबरा की देखरेख में होगी।

* अभिषेक व्यवस्था: भंवरलाल दरगढ़ देखेंगे।

* स्वच्छता समिति: अनिल गहलोत पुर को शामिल किया गया है।

* कार्यालय पूछताछ: रामप्रकाश काबरा संभालेंगे।

* वाहन पार्किंग व्यवस्था: रजनीकांत आचार्य और उनकी टीम द्वारा की जाएगी। दुपहिया और चार पहिया वाहन मंदिर से एक किलोमीटर दूर खड़े रहेंगे, और भक्तों की सुविधा के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था की जाएगी।

श्री सांवलिया सेठ मंदिर में होने वाले ये विशेष आयोजन निश्चित रूप से भक्तों के लिए एक यादगार अनुभव होंगे, जो उन्हें भक्ति, आनंद और राष्ट्रप्रेम के एक अद्वितीय संगम से जोड़ेंगे।

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