राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक चेतना का संवाहक: 'पाथेय कण' का नया सदस्यता अभियान शुरू

भीलवाड़ा। राष्ट्र और संस्कृति के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के ध्येय से सुप्रसिद्ध पाक्षिक पत्रिका 'पाथेय कण' ने अपना नया सदस्यता अभियान उत्साहपूर्वक शुरू किया है। दशकों से भारतीय समाज और युवाओं के बीच एक 'वैचारिक सेतु' के रूप में कार्य कर रही यह पत्रिका राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता की दिशा में एक प्रमुख स्तंभ मानी जाती है।

यह पत्रिका विशेष रूप से स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी जैसे महापुरुषों के उच्च आदर्शों एवं भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत पर केंद्रित है। हर 15 दिन में प्रकाशित होने वाली 'पाथेय कण' का मुख्य उद्देश्य युवाओं और परिवारों को भारत के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक प्रेरणा और सामाजिक मूल्यों से प्रभावी ढंग से जोड़ना है।

अभियान के तहत संस्थान ने "पाथेय कण से अवश्य जुड़ें" के संकल्प के साथ पाठकों से आह्वान किया है कि वे स्वयं सदस्य बनें और अपने मित्रों व परिजनों को भी इस वैचारिक मुहिम का हिस्सा बनाएं। यह अभियान समाज में बौद्धिक चेतना और राष्ट्रीय चिंतन की एक नई लहर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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