रामधाम में भक्ति की बयार: कल से सस्वर गूंजेंगी रामचरितमानस की चौपाइयां, 71वें महायज्ञ के लिए केसरिया वस्त्र में सजा रामधाम

भीलवाड़ा । शहर के हमीरगढ़ रोड स्थित श्री रामधाम विरक्ताश्रम में भक्ति, शक्ति और आराधना का अनूठा संगम कल से साकार होने जा रहा है। रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित होने वाले 71वें अष्टोत्तरशत श्रीरामचरितमानस नवाह्न पारायण महायज्ञ का शंखनाद गुरुवार, 19 मार्च (चैत्र शुक्ल एकम) को सुबह होगा। इस पावन महोत्सव को लेकर आश्रम परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं और समूचा वातावरण केसरिया वस्त्रों के बीच 'राममय' हो गया है। गुरुवार सुबह 7:15 बजे से ही व्यास पीठ पर माण्डल वाले घनश्याम उपाध्याय के सानिध्य में मानस की चौपाइयों का सस्वर पाठ शुरू होगा। ट्रस्ट के सचिव अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भीलवाड़ा की सात दशकों पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत है। प्रतिदिन सुबह 10 बजे तक चलने वाले सामूहिक पारायण में सैकड़ों श्रद्धालु एक स्वर में प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करेंगे।
आकर्षण आयोजन की श्रृंखला में 26 मार्च को रामनवमी के पावन अवसर पर मध्याह्न 12:15 बजे भव्य श्रीराम जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसी दिन संध्या 6 बजे भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे, जिसकी झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी। महायज्ञ की पूर्णाहुति 27 मार्च को आचार्य पं. रामू जी शर्मा के निर्देशन में सुबह 10 बजे संपन्न होगी। नवाह्न पारायण के मुख्य पाठ में बैठने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए पंजीयन की अंतिम घड़ी आ गई है। ट्रस्ट सदस्य ललित हेड़ा ने बताया कि व्यवस्थाओं को सुचारू रूप देने के लिए अब नाम लिखाने हेतु केवल कुछ घंटे शेष बचे हैं। पंजीकरण के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने धर्मप्रेमियों से इस आध्यात्मिक महाकुंभ में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। पाठ में जो जमीन पर नहीं बैठ सकते उनके टेबल कुर्सी की व्यवस्था रहेगी। इस अनुष्ठान के लिए करीब 140 लोगों ने अपना नाम लिखवाया है।
