बोरेला गांव में 7 माह से चम्बल का पानी बंद, ग्रामीणों का आसींद कार्यालय पर फूटा गुस्सा

बोरेला गांव में 7 माह से चम्बल का पानी बंद, ग्रामीणों का आसींद कार्यालय पर फूटा गुस्सा
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आसींद (भीलवाड़ा हलचल)। क्षेत्र के बोरेला गांव में पिछले सात महीनों से चम्बल परियोजना के तहत पेयजल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने गोविंदपुरा स्थित चम्बल परियोजना प्रबंधक कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और नियमित जलापूर्ति की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

सूखे कुएं और टंकियां, पशु भी प्यासे

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद होने से गंभीर संकट खड़ा हो गया है। भीषण गर्मी की दस्तक के साथ ही गांव के कुएं और टंकियां सूख चुकी हैं। स्थिति इतनी विकट है कि इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी पानी का प्रबंध करना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों को मजबूरी में दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और श्रम दोनों बर्बाद हो रहे हैं।

आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चम्बल योजना के तहत सुचारू जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि पेयजल संकट से उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।

प्रदर्शन में ये रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान वार्ड पंच प्रभु लाल के नेतृत्व में दशरथ सिंह, देवीलाल, गोपाल सिंह, विजेंद्र सिंह, महावीर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष एवं महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में जल्द राहत पहुंचाने की मांग की है।

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