आबादी में शराब दुकानों से लोग परेशान, उग्र आंदोलन की चेतावनी

आसीन्द। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 03 (भीम रोड) सहित विभिन्न इलाकों में घनी आबादी और शैक्षणिक संस्थानों के बीच संचालित शराब की दुकानों को हटाने की मांग अब तेज हो गई है। आक्रोशित वार्डवासियों ने उपखण्ड अधिकारी परमजीत सिंह को ज्ञापन सौंपकर इन दुकानों को तुरंत आबादी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करने की पुरजोर मांग की है।
स्कूलों के पास जमावड़ा, छात्राओं का निकलना हुआ दूभर
वार्डवासियों ने ज्ञापन में बताया कि भीम रोड पर स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के बेहद करीब अमृत भारती पब्लिक स्कूल और राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हैं। शराबियों के जमावड़े और उनके अभद्र व्यवहार के कारण स्कूली छात्राओं और महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दुकान निर्धारित समय की धज्जियां उड़ाते हुए रात 12 बजे तक खुली रहती है और सुबह 6 बजे ही खुल जाती है, जिससे सुबह की सैर पर जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
धार्मिक स्थलों की पवित्रता पर संकट, अवैध बिक्री का आरोप
भीम रोड के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी शराब की अवैध बिक्री को लेकर गहरा रोष है। दातड़ा बांध स्थित हनुमान मंदिर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर एक किराना स्टोर की आड़ में शराब बेची जा रही है, जिससे आए दिन लड़ाई-झगड़े होते हैं। वहीं, प्रसिद्ध शक्तिपीठ बंक्यारानी माताजी मंदिर से महज 200 मीटर की दूरी पर भी अवैध शराब की दुकान संचालित है। ग्रामीणों का कहना है कि नवरात्रि जैसे पवित्र समय में श्रद्धालुओं को नशेड़ियों के जमावड़े के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
हाईवे पर दुर्घटनाओं का अंदेशा
ज्ञापन में नेशनल हाईवे 148D पर स्थित दुकानों के समय से पहले खुलने पर भी चिंता जताई गई है। सुबह-सुबह नशे में धुत लोगों की आवाजाही के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। वार्डवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन दुकानों को आबादी क्षेत्र से नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।
