श्री कृष्ण जन्मोत्सव के बाद झूम उठा पूरा पांडाल, सोमवार को होंगे छप्पन भोग झांकी के दर्शन

श्री कृष्ण जन्मोत्सव के बाद झूम उठा पूरा पांडाल, सोमवार को होंगे छप्पन भोग झांकी के दर्शन
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आकोला (रमेश चंद्र डाड) श्री बाणमाता शक्तिपीठ गोवटा बांध पर श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिन श्रीमद् भागवत कथा मैं भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। भक्तों द्वारा कृष्ण जन्मोत्सव के पश्चात पुष्प की होली खेलते हुए पूरा पांडाल भक्ति में झूम उठा। रविवार को भारी भक्तों की भीड़ से पूरा पांडाल खचाखच भरा हुआ था । वहीं काफी दूर तक भक्त भागवत कथा का श्रवण कर आनंद ले रहे थे।

श्रीमद् भागवत कथा का वाचन कर रहे प्रेमनारायण महाराज (गेंहूखेड़ी) ने कथा वाचन के समय हे गोविंद दया के सागर, शरण आपके आए हैं। पार लगाओ गिरधर नागर आस लगाए आए हैं । जैसे भजनों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा में कहा कि इस सांसारिक जीवन में मनुष्य के सामने चार खास बाते है देह, गेह, मन, मेह इनसे मनुष्य छूट जाता है, तो उसका जीवन निश्चित ही आनंदमय हो सकता है। ईश्वर आराधना के लिए चार प्रमुख स्थल है जहां वह प्रभु को पाने के लिए भक्ति कर सकता है। जैसे जल का किनारा, एकांत, देवस्थान, जमीन से ऊंचा स्थल यह सारी गुणवान जगह श्री बाणमाता शक्तिपीठ के यहां उपयुक्त हैं। यहां कोई आराधना करना चाहे तो निश्चित ही उसका प्रभु से आत्मसात होना निश्चित ही है। आज के इस युग में मनुष्य के पास मोबाइल और माला दो चीजों का विशेष महत्व है । जिनमें मोबाइल से वह संसार से संपर्क कर सकता है और माला से ईश्वर का संपर्क कर सकता है । मनुष्य जीवन को सुदृढ़ बनाने के लिए ऐसी संगत में बैठिए जहां बैठने से आपकी बात का, आपकी राय का पूजन हो सके। जैसी संगत में बैठेगा मानव जीवन उसी संगत से व्यतीत होगा । प्रत्येक मनुष्य परिवार में ऐसी सोच रखें कि हमारे से इनको कैसे सुख मिले, तो परिवार मंदिर के समान निर्मल, सुखमय बन जाएगा और अगर मनुष्य परिवार में स्वयं के प्रति सोचते हुए दूसरे को नीचा दिखाने का कार्य करेगा तो वह परिवार नरक के समान हो जाएगा।नर्बदा जयंती मनाई रविवार को नर्मदा जयंती होने के कारण बड़े ही हर्षोल्लास के साथ भजन कीर्तन गाते हुए नर्मदा जयंती मनाई गई । भक्तों को भक्ति के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से ओंकारेश्वर की भक्ति यात्रा करवाई गई। जिसमें झूमते हुए भक्तजन भक्ति में डूब गए। कथा श्रवण करने श्री बाण माता शक्तिपीठ क्षेत्र के आसपास के गांव के साथ-साथ दूरदराज से भी काफी भक्तजन पहुंचे हैं जो यही निवास कर कथा श्रवण कर रहे हैं।कृष्णजनमोत्सव मनाया कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। जैसे ही मंच पर भगवान कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी के दर्शन हुए तो पूरा पंडाल तालिया की गड़गड़ाहट के साथ हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की, हरे कृष्णा हरे कृष्णा मेरे कृष्णा मेरे कृष्णा, नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जैसे उद्घोष से कुंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण की आरती के बाद पूरे पांडाल में पुष्प की आनंद होली खेली गई। जो माहौल देखते ही बनता था।सोमवार को लगेगा छप्पन भोग* कथा के पांचवें दिन श्री बाणमाता शक्तिपीठ मंदिर एवं कथा स्थल पर छप्पन भोग की विशेष झांकी सजाई जाएगी। कथा के पश्चात महाआरती कर भक्तों को छप्पन भोग प्रसाद वितरित किया जाएगा। कथा प्रतिदिन 12 बजे लेकर 3 बजे तक की जा रही है। लूण का गणेश जी के महंत रंगीलदास जी महाराज भी उपस्थित रहे। मुख्य यजमान नंदकिशोर सनाढ्य, जोड़ा शोभागचंद्र खंडेलवाल, जगदीश आमेटा, अनुराग पाराशर ने पूजा अर्चना करवाई। कार्यक्रम में भारी संख्या में महिला, पुरुष भक्तजन मौजूद थे।

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