भीलवाड़ा महाविद्यालय में नाटक 'कालीबाई' का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण

भीलवाड़ा महाविद्यालय में नाटक कालीबाई का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण
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भीलवाड़ा। स्थानीय महाविद्यालय में डॉ. सौरभ सिंह द्वारा रचित नाटक 'कालीबाई' का प्रस्तुतीकरण आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. संतोष आनंद ने बताया कि यह नाटक वीरांगना कालीबाई के जीवन पर आधारित था। नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार डूंगरपुर जिले के रास्तापाल गांव की 13 वर्षीय भील समाज की बालिका कालीबाई ने आजादी के दौर में ब्रिटिश और सामंती गठजोड़ का विरोध करते हुए अपने शिक्षक सेंगाभाई के लिए प्राणों की आहुति दी।

नाटक का लेखन और निर्देशन महाविद्यालय के सह आचार्य डॉ. सौरभ सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान कॉस्ट्यूम डिजाइन डॉ. अनंत दाधीच ने किया, क्राफ्ट डॉ. नारायण माली एवं डॉ. प्रवीण जोशी ने संभाला और साउंड में डॉ. मनीष रंजन ने सहयोग दिया।

नाटक में महाविद्यालय के 15 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें युगांशी पालीवाल, युवराज सिंह राठौड़, चित्रांश, प्रियंका शर्मा, निरमा कुमावत, कन्हैयालाल कुमावत, निलय जौहरी, दुर्गा शर्मा, खुशी प्रजापत, मनीष गवारिया, हरिप्रकाश गुंडालिया, युवराज खटीक, भावना सेन, राजकुमारी शर्मा और प्रिंस पायक शामिल थे।

प्राचार्य डॉ. संतोष आनंद ने बताया कि यह नाटक सरकार की स्कूटी योजना के माध्यम से बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के संदर्भ में मील का पत्थर साबित हो रहा है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर बधाई दी और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

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