राजस्थान बजट पर आंगनबाड़ी व अन्य मानदेय कर्मियों के साथ किया छलावा

भीलवाडा -जिला अध्यक्ष रजनी शक्तावत ने बताया कि राजस्थान सरकार की वित्त मंत्री दिया कुमारी जी ने बजट प्रस्तुत किया जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा सहयोगिनियों एवं ग्रामसाथियों के मानदेय में किसी भी तरह की वृद्धि नहीं की गई भाजपा सरकार के चुनावी घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अन्य मानदेय कर्मियों का मानदेय 13500 की घोषणा की जिसका कई बार मुख्यमंत्री महोदय को पत्र द्वारा अवगत कराया गया था, जिस पर भारतीय मजदूर संघ राजस्थान के प्रदेश अधिवेशन आबू रोड में गत वर्ष हुआ था उसमें मुख्यमंत्री जी ने स्वयं मंच से घोषणा की थी कि हमारी सरकार प्रति वर्ष 10 प्रतिशत मानदेय बढ़ाएगी परंतु इस बजट में किसी भी तरह का कोई मानदेय नहीं बढ़ाया गया है, साथ ही गत 2025-26 के बजट में आंगनबाड़ी कार्मिको को सेवानिवृत्ति पर एक मुश्त आर्थिक सहयोग राशि देने की घोषणा की गई थी जिसकी क्रियान्विति आज तक नहीं हुई है।
यह बजट मात्र बजट नहीं होकर मात्र घोषणा रह गई है, जिसमें राजस्थानी आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ एवं आशा कर्मचारी महासंघ (बीएमएस) के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी कार्मिको कार्यकताओं ओर ग्रामसाथीनों में भारी रोष व्याप्त है। आज आंगनबाड़ी कार्मिको वर्चुअल गुगल एप पर बजट घोषणा के पश्चात आंगनबाड़ी कार्मिकों की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि राजस्थान आंगनबाड़ी एवं आशा कर्मचारी और ग्रामसाथिन चरणबद्ध आंदोलन कर सरकार को अपना रोष व्यक्त करेगी। आन्दोलन के प्रथम चरण में राजस्थान के सभी जिलों के द्वारा मेल से सूचना माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को प्रेषित कर आंगनबाड़ी कार्मिको के मानदेय में सम्मान जनक बढ़ोतरी करने का निवेदन करेगा, द्वितीय चरण में जिला स्तर पर विशाल आंदोलन पब्लिक प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर महोदय के माध्यम से राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर मानदेय बढ़ोतरी एवं सेवानिवृत्ति पर एक मुश्त आर्थिक सहयोग राशि के आदेश जारी करने का आग्रह करेगा, तत्पश्चात राज्य सरकार से वार्ता कर अपना पक्ष रखेगा, यदि फिर भी कोई संतोषजनक से हल नहीं निकाला तो अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार कर जयपुर में धरना प्रदर्शन करने का विकल्प पर विचार करने का निर्णय कर सकेंगे।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री हरीश सुवालका ने भी मानदेय कर्मियों के साथ हुए अन्याय की निदा की तथा सरकार से आग्रह किया कि मानदेय कर्मियों को अपने घोषणा पत्र में वादे किये है पूरे करने चाहिए।
