आज के बजट से कर्मचारियों में आक्रोश एवं निराशा

भीलवाड़ा |आज का बजट कर्मचारियों ,संविदा कार्मिकों, मानदेय कार्मिकों एवं पेंशनरों को लेकर अत्यंत निराशाजनक रहा है, निराशा की अभिव्यक्ति कर्मचारी महासंघ को देने की आवश्यकता ही नहीं है क्योंकि इसका प्रमाण स्वयं सदन में बैठे सदस्यों ने ही दे दिया हैं। आज के बजट भाषण में कर्मचारियों के विषय में मात्र 3 मिनट तक माननीय वित्त मंत्री महोदय के द्वारा बजट पढ़ा गया है लेकिन इस दौरान एक भी बार सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के सदस्य का हाथ मेज थप थपाने लिए नहीं उठा, जिससे यह सिद्ध होता है कि आज का बजट कर्मचारियों के लिए घोर निराशाजनक है।अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों के विषय में आज के बजट में सरकार ने एक कदम पीछे आने का काम किया है। जहां पिछले बजट में सरकार ने पदोन्नति विसंगति दूर करने के लिए कैडर पुनर्गठन करने की घोषणा की थी इस बजट में तो पदोन्नति विसंगति, वेतन विसंगति यहां तक कि केंद्र के चरणबद्ध आठवें वेतन आयोग लागू करने के फार्मूले का समर्थन करते हुए 2027 में प्रस्तावित आठवें वेतन आयोग तक के लिए कमेटी गठन के नाम पर छलावा किया गया है, सरकार ने कर्मचारियों का तो कोई भला नहीं किया लेकिन जिस लंबी समयावधि के लिए समिति के गठन की घोषणा की गई है उससे तो यह लगता है कि प्रदेश के तीन – चार सेवानिवृत अधिकारियों को 3 साल का रोजगार अवश्य मिल जाएगा। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष पारस कुमावत ओर जिला मंत्री नारायण लाल गुर्जर ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के मुद्दों को समझ रही है लेकिन समितियों का मायाजाल फैला रही है, कर्मचारियों के कैडर संबंधी विसंगतिया दूर करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठन के संबंध में तो माननीय मुख्यमंत्री महोदय के द्वारा 26 जनवरी को ही घोषणा कर दी गई थी, उससे ज्यादा उच्च स्तरीय ओर कौनसी समिति गठित होगी ..? कर्मचारी महासंघ के प्रदेश प्रतिनिधि कन्हैया लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के 8.50 लाख कर्मचारियों, 5 लाख संविदा कर्मियों एवं 2.5 लाख से ज्यादा मानदेय कर्मियों के बारे में आज के बजट में एक भी घोषणा नहीं की गई है जिससे कर्मचारियों में भयंकर आक्रोश व निराशा है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले 12 जनवरी, 2026 को 50 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने जयपुर में चेतावनी महारैली निकालकर अपने आक्रोश की अभिव्यक्ति की थी। आज के बजट के बाद यह सिद्ध हो गया है कि वर्तमान सरकार पूरी तरह असंवेदनशील एवं संवादहीन है एवं संघर्ष ही एक मात्र विकल्प है । इसलिए अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने संघर्ष को तेज करने का निर्णय लिया है, कल दिनांक 12 फरवरी 2026 को प्रदेश के लाखों कर्मचारी हड़ताल पर रहते हुए राष्ट्रव्यापी हड़ताल को पूरी ताकत से सफल करेंगे।
