लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान का 'शीत शयन' श्रृंगार, मकर संक्रांति पर खींच का भोग लगेगा

लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान का शीत शयन श्रृंगार, मकर संक्रांति पर खींच का भोग लगेगा
X

भीलवाड़ा । कड़ाके की सर्दी और शीतलहर के बीच आस्था के विभिन्न रंग देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में, स्थानीय भोपालगंज स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में मंगलवार को भगवान लक्ष्मी नारायण का अलौकिक 'शीत शयन' श्रृंगार किया गया। मंदिर के गर्भगृह में प्रभु को मखमली श्वेत रजाई और गर्म वस्त्र धारण करवाकर उनका वात्सल्य पूर्ण श्रृंगार किया गया, जिसे देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। ​मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्दी के प्रकोप को देखते हुए मंदिर की वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। मंगलवार तड़के प्रभु का विशेष अभिषेक किया गया, जिसके पश्चात उन्हें भारी सर्दी से बचाने के भाव के साथ गर्म वस्त्रों और श्वेत रजाइयों से ढका गया। इस दौरान भगवान के मुखारविंद के दर्शन मनमोहक लग रहे थे। श्रृंगार के पश्चात आयोजित भव्य आरती में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया और अंत में प्रसाद का वितरण किया गया।

​भजन संध्या से भक्तिमय हुआ माहौल

आरती के उपरांत मंदिर परिसर में मधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु देर तक भजनों की धुन पर झूमते रहे। ट्रस्टी अग्रवाल ने आगे बताया कि मकर संक्रांति पर बुधवार को मेवाड़ के परंपरागत खींच का भगवान को भोग लगाया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट द्वारा एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा सहित सभी प्रमुख त्यौहारों पर विशेष आयोजन किए जाते हैं। भव्य श्रृंगार और भजन संध्या की यह गौरवशाली परंपरा यहाँ वर्षों से श्रद्धापूर्वक निभाई जा रही है। इस अवसर पर कई गणमान्य नागरिक और भक्तगण उपस्थित रहे।

Next Story