भीलवाड़ा: दलितों पर अत्याचार और बाबा साहेब के अपमान के खिलाफ फूटा बहुजन समाज का आक्रोश; कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

भीलवाड़ा |भीलवाड़ा जिले में दलित समाज के विरुद्ध बढ़ती हिंसा और संवैधानिक प्रतीकों के अपमान के विरोध में आज विभिन्न सामाजिक संगठनों और बहुजन समाज के प्रतिनिधियों ने जिला पुलिस अधीक्षक को संयुक्त ज्ञापन सौंपा। आजाद समाज पार्टी के ज़िला अध्यक्ष हीरालाल बैरवा ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन और कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।
प्रमुख घटनाएं और प्रशासन की विफलता
ज्ञापन में मुख्य रूप से दो घटनाओं पर गहरा आक्रोश जताया गया है:
कांगनी (गंगापुर) मामला: 20 जनवरी को कैलाश रेगर नामक युवक को दबंगों द्वारा बंधक बनाकर रातभर मारपीट की गई। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद 3 फरवरी को मामला दर्ज हुआ, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बडलियास (कोटड़ी) मामला: 26 जनवरी को राजकीय विद्यालय में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाने पर असामाजिक तत्वों द्वारा अभद्र और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं। FIR संख्या 28/2026 दर्ज होने के बावजूद पुलिस प्रशासन मौन है।
बहुजन समाज की प्रमुख मांगें
मुखर्जी गार्डन में एकत्रित जनसमूह को संबोधित करते हुए भीम आर्मी ज़िलाअध्यक्ष पंकज डीडवानिया ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का ढुलमुल रवैया अपराधियों के हौसले बढ़ा रहा है। समाज की मुख्य मांगें निम्न हैं:
दोनों प्रकरणों के आरोपियों की 48 घंटे के भीतर अविलंब गिरफ्तारी।
सरकारी विद्यालय में संवैधानिक गरिमा को ठेस पहुँचाने वालों पर कठोर कानूनी कार्यवाही।
पीड़ित कैलाश रेगर और मामले के गवाहों को तत्काल पुलिस सुरक्षा मुहैया कराना।
आंदोलन की चेतावनी
संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा, "हम न्याय की भीख नहीं, अपना संवैधानिक अधिकार मांग रहे हैं। आज हम शांतिपूर्वक ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।"
ज्ञापन सौंपने के दौरान मोतीलाल सिंघानिया, चिरजी लाल बोरलिया, प्रहलाद बैरवा, अशोक रेगर, रानी बोरलिया, कैलाशी देवी, सीता देवी रेगर, शेरू मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
