डॉ. अंबेडकर भवन का नाम बदलने की साजिश और महामहीम राष्ट्रपति के अपमान पर फूटा बहुजन समाज का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

भीलवाड़ा । मांडल तहसील भीलवाड़ा में स्थित ’बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सामुदायिक भवन’ के नाम को बदलने की साजिश और पुलिस अधिकारी द्वारा महामहिम राष्ट्रपति के प्रति अभद्र टिप्पणी को लेकर भीलवाड़ा के बहुजन समाज में गहरा रोष व्याप्त है। आज इस संबंध में रामेश्वर बैरवा जोन प्रभारी, जिला संयोजक मोतीलाल सिंघानिया और जिलाध्यक्ष पंकज डीडवानियां के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। जिसकी प्रतिलिपि राज्यपाल महोदय राजस्थान, मुख्यमंत्री महोदय राजस्थान सरकार एवं प्रमुख सचिव महोदय राजस्थान सरकार जयपुर को भी भेजी गई।
जिला संयोजक मोतीलाल सिंघानिया ने बताया कि मांडल के वार्ड नंबर 16 में स्थित बहुजन समाज के एकमात्र सामाजिक केंद्र ’डॉ. अंबेडकर सामुदायिक भवन’ को कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा द्वेषवश ’आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। बिना किसी पूर्व सूचना या वैधानिक प्रक्रिया के भवन पर शिलालेख लगा दिए गए, जिसे समाज ने अपनी पहचान पर हमला बताया है।
जिलाध्यक्ष पंकज डीडवानियां ने बताया कि मामले ने तब तूल पकड़ा जब विरोध कर रहे नागरिकों के साथ पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी) राहुल जी जोशी ने न केवल अभद्रता की, बल्कि कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। अधिकारी ने देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँचाते हुए कहा - ’चुप रहो तुम कौनसे राष्ट्रपति हो, मैं डिप्टी हूँ, कुछ भी कर सकता हूँ।’
रामेश्वर बैरवा जोन प्रभारी बसपा ने बताया कि यदि 7 दिनों के भीतर दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो भीलवाड़ा जिले का समस्त बहुजन समाज उग्र आंदोलन, चक्का जाम और भूख हड़ताल के लिए विवश होगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
आजाद समाज पार्टी जिलाध्यक्ष हीरालाल बैरवा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने इसे सत्ता का दुरुपयोग और वर्दी का रौब दिखाकर डराने-धमकाने का कृत्य करार दिया है। महामहिम राष्ट्रपति का अपमान करने वाले पुलिस उपाधीक्षक राहुल जोशी को तुरंत निलंबित कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए। सामुदायिक भवन के नाम और स्वरूप के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए। भवन का संचालन स्थानीय अंबेडकर समिति के सुपुर्द किया जाए।
इस दौरान बसपा जिलाध्यक्ष किशन कीर, लोकेश मेघवंशी, राजेन्द्र बैरवा, देवेन्द्र जोशी, सोहन बैरवा, भैरूलाल गंधर्व, रतनलाल बैरवा, श्यामलाल, रमेश चन्द्र, सोनू रेगर, गोपाल गुलमण्डी, गोपाल आर.के., सत्यनारायण कोली, डालचन्द कोली, घनश्याम लोट, कैलाश राव, पवन बैरवा, धन्ना बलाई, पप्पू लाल रेगर, मनीष रेगर, गोपाल बैरवा, कन्हैयालाल बैरवा सहित समाजजन उपस्थित रहे।
