भाविप का दिव्यांग सहायता शिविर, 2000 दिव्यांगजनों को लाभ देने का लक्ष्य

भीलवाड़ा । भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा द्वारा भीलवाड़ा में एक विशाल दिव्यांग सहायता शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रांत की करीब 46 शाखाएं इसके लिए जुटी हुई है। शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें करीब 2000 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
माहेश्वरी भवन में होगा आयोजन, कई जिलों से आएंगे दिव्यांगजन
यह शिविर राम धाम के पीछे स्थित काशीपुरी वकील कॉलोनी, माहेश्वरी भवन में आयोजित होगा। विवेकानंद शाखा के अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल ने बताया कि शिविर में भीलवाड़ा के साथ-साथ राजसमंद, चित्तौड़गढ़, अजमेर की विभिन्न शाखाओं को दिव्यांगजनों को शिविर तक लाकर लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए शाखा स्तर पर पंजीयन और परिवहन की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कृत्रिम हाथ-पैर से लेकर व्हीलचेयर तक मिलेंगी सुविधाएं
प्रांतीय संपर्क संयोजक गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि शिविर में दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम हाथ व पैर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही जरूरतमंदों को श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर, ट्राईसाईकिल, छड़ी, बैसाखी, कैलिपर्स सहित अन्य सहायक उपकरण नि:शुल्क वितरित किए जाएंगे। परिषद का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र दिव्यांग व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे और वह समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके।
भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति की टेक्नीशियन टीम देगी सेवाएं
इस विशाल शिविर में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति की अनुभवी टेक्नीशियन टीम मौजूद रहेगी। टीम द्वारा मौके पर ही दिव्यांगजनों की जांच कर उनके लिए कृत्रिम अंग तैयार किए जाएंगे। इससे लाभार्थियों को बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और एक ही स्थान पर पूरी सुविधा उपलब्ध होगी। तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी से शिविर की गुणवत्ता और विश्वसनीयता और अधिक बढ़ेगी।
सामाजिक सरोकार की मिसाल बनेगा भाविप का यह शिविर
भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा द्वारा आयोजित यह शिविर सेवा, सहयोग और समर्पण की भावना का प्रतीक है। परिषद पदाधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिविरों से दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिलता है। शिविर को सफल बनाने के लिए परिषद के कार्यकर्ता, समाजसेवी और प्रशासनिक सहयोग लगातार जुटे हुए हैं। यह आयोजन निश्चित रूप से समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की एक प्रेरणादायी मिसाल बनेगा।
