भीलवाड़ा हलचल टीम पहुंची देवमाली, महिमा जान हुई हैरान, सिर्फ एक झाड़ा और कैंसर छूमंतर

भीलवाड़ा हलचल टीम पहुंची देवमाली, महिमा जान हुई हैरान, सिर्फ एक झाड़ा और कैंसर छूमंतर
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बनेड़ा ( केके भण्डारी ) कैंसर नाम सुनकर ही रूह कांप जाती हैं । एक ऐसी खतरनाक बीमारी जिस पर लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी इलाज की कोई गारंटी नहीं हैं । कहते हैं कि इस बीमारी में धन और धर्म दोनों चला जाता है । आजकल के वैज्ञानिक युग में भी अनेक जगह दैवीय शक्ति का चमत्कार देखने को मिलता हैं । वैसे भारतवर्ष की भूमि पर देवी चमत्कार अनेक जगह देखने को मिल जाते हैं जिनके आगे आधुनिक विज्ञान भी नतमस्तक होता है ।

ऐसा ही चमत्कार राजस्थान के ब्यावर जिले में देवमाली गांव ( जो पहले अजमेर जिले में आता था ) में स्थित अत्यंत प्राचीन जगह श्री देवनारायण भगवान के स्थान पर देखने को मिल रहा है जहां भोपा जी द्वारा एक सिर्फ झाड़ा द्वारा कैंसर का इलाज किया जा रहा है । यूं तो इस चमत्कारिक देव धाम की महिमा अत्यंत प्राचीन है लेकिन लोगों की जानकारी में कम थी अब सोशल मीडिया के जमाने में किसी के द्वारा स्थान की महिमा की जानकारी सोशल मीडिया पर डाल देने से यहां की ख्याति दूर-दूर तक पहुंच गई है ।

अनेक ब्लॉगर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर द्वारा इस स्थान की महिमा के बारे में यूट्यूब सहित अनेक सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर जानकारी डालने के कारण भारतवर्ष के अनेक राज्यों से कैंसर के मरीज यहां पर पहुंच रहे हैं और लाभान्वित हो रहे हैं ।

ऐसी ही एक जानकारी भीलवाड़ा (पुर) के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और राजस्थानी अभिनेता हंसराज अठारियां द्वारा डाली गई । जिसको देखकर भीलवाड़ा हलचल के रिपोर्टर केके भण्डारी भी अपनी टीम के साथ देवमाली पहुंचे और वहां की महिमा जानकर हैरान रह गए । विजयनगर से मात्र 24 किलोमीटर दूर स्थित देवमाली गांव में श्री देवनारायण भगवान का प्राचीन मंदिर स्थित है और यहां के भोपा जी द्वारा कैंसर पीड़ित मरीजों को मोर पंख से बना झाड़ा लगाया जाता है जिससे उनको लाभ मिल जाता है । लगातार तीन दिन तक झाड़ा लगाया जाता है, रोगी के एक दिन में एक बार ही झाड़ा लगता है जो सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कभी भी लगवा सकते हैं । झाड़ा लगाने के बाद वहां स्थित भेरुनाथ जी के मंदिर की परिक्रमा भी करनी पड़ती है और उसके बाद देवनारायण भगवान के मंदिर के दर्शन किए जाते हैं जिससे कैंसर पीड़ित मरीज को अप्रत्याशित लाभ मिलता है । सबसे बड़ी बात यहां इलाज का कोई पैसा नहीं लिया जाता है बिल्कुल निशुल्क इलाज होता है । सोशल मीडिया द्वारा देवमाली गांव के देवधाम की ख्याति सुन कर हजारों लोग रोजाना वहां पहुंचने लगे हैं । वहां आए लोगों से जब रूबरू हुए तो उन्होंने बताया कि कैंसर की बीमारी के लिए लाखों रुपए बड़े-बड़े अस्पताल में इलाज के लिए खर्च कर दिए लेकिन फिर भी आराम नहीं मिला और यहां देवमाली में स्थित देव धाम पर आकर झाड़ा लगवाने से आराम मिल गया । मुख्य मंदिर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है जहां पर सीढ़ियों द्वारा जाया जा सकता है । यहां पर लाखों की तादाद में कबूतर भी निवास करते हैं जिन्हें श्रद्धालुओं द्वारा दाना डाला जाता है । यहां पर बिल्ला और बिल्ली बाई का मंदिर तथा सरोवर भी है इसके पानी में स्नान करने से चर्म रोग दूर होते हैं । देवमाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर स्थित सारे मकान कच्चे और केलूपोश के बने हुए हैं । सिर्फ धार्मिक स्थान और सरकारी कार्यालय पक्के बने हैं । मरीजों, परिजनों और श्रद्धालुओं के रुकने के लिए यहां पर टेंट के अस्थाई निवास, रेस्टोरेंट बने हुए हैं जिसमें ठहरने, रात्रि विश्राम, खाने-पीने, रहने की सुविधा रियायती दरों पर मिल जाती है । वहीं पास में स्थित मसूदा आदि कस्बों में होटल की व्यवस्था भी मिल जाती है । कोई भी कैंसर जैसे असाध्य रोग से पीड़ित है तो एक बार यहां पर आकर झाड़ा लगवा कर दर्शन जरूर करने चाहिए ।

देवधाम की महिमा से सबको लाभ-

श्री देव धाम की ख्याति और महिमा सुनकर दूर दूर से लोग यहां आ रहे हैं और उनको लाभ मिल रहा है, उनके साथ ही स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल गया है क्योंकि हजारों की तादाद में बाहर के लोग रोजाना यहां आ रहे हैं ।

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