भीलवाड़ा: पंचायतों के पुनर्गठन और नवसृजन के बाद गांवों में गरमाई राजनीति, बिछने लगी चुनावी चौसर

भीलवाड़ा। जिले में पंचायतों के पुनर्गठन और नए पंचायतों के गठन के बाद गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। स्थानीय नेताओं और ग्रामवासियों के बीच चुनावी तैयारियों की हवा बहने लगी है।
सूत्रों के अनुसार, पंचायतों के नए नक्शे और सीमा निर्धारण के बाद कई गांवों में अब अलग-अलग क्षेत्रों में नए वोट बैंक बनने लगे हैं। इसके चलते ग्रामीण राजनीति में हलचल बढ़ गई है और स्थानीय पार्टियों तथा नेताओं के बीच सत्ता की लड़ाई शुरू हो गई है।विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए गांवों में राजनीतिक रणनीतियां बनाना और वोटिंग पैटर्न समझना अब नेताओं की पहली प्राथमिकता बन गया है। कई जगहों पर नई पंचायतों के गठन के कारण पुराने समीकरण बदल गए हैं और चुनावी चौसर धीरे-धीरे बिछने लगी है।स्थानीय प्रशासन ने भी इस बात पर जोर दिया है कि चुनावी तैयारियों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है।
