गिव अप अभियान में भीलवाड़ा अव्वल, 3.22 लाख अपात्र एनएफएसए से बाहर, 2.55 लाख जरूरतमंदों को मिला हक

भीलवाड़ा । खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा प्रारंभ किया गया ‘गिव अप’ अभियान लगातार नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इस अभियान में भीलवाड़ा जिला प्रदेश में अग्रणी बनकर उभरा है। जिले में अब तक 2 लाख 46 हजार 190 लोगों ने स्वेच्छा से एनएफएसए योजना का लाभ त्याग कर सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

इसके साथ ही ई-केवाईसी के माध्यम से 75 हजार 824 लोग एनएफएसए योजना से बाहर हुए हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर 3 लाख 22 हजार 14 अपात्र लाभार्थियों को एनएफएसए योजना से हटाया गया है।

अपात्र लोगों के हटने से विभाग को बड़ी सफलता मिली है, क्योंकि इससे 2 लाख 55 हजार 317 पात्र लेकिन वंचित परिवारों को एनएफएसए योजना में शामिल किया जा सका है। वर्षों से इंतजार कर रहे इन जरूरतमंद परिवारों को अब खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।

एक ओर जहां अपात्र लाभार्थियों के हटने से सरकार को खाद्य, गैस, बीमा एवं चिकित्सा सब्सिडी पर होने वाले व्यय में बड़ी बचत होगी, वहीं दूसरी ओर नये जुड़े एनएफएसए लाभार्थियों को इन चारों योजनाओं का समुचित लाभ मिल सकेगा।

‘गिव अप’ अभियान के अंतर्गत चार पहिया वाहन मालिकों, सरकारी कार्मिकों, आयकर दाताओं तथा एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले लोगों ने स्वेच्छा से एनएफएसए लाभ छोड़कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है। इस पहल ने समाज में सकारात्मक जागरूकता पैदा की है और बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से ‘गिव अप’ कर सामाजिक कर्तव्य की मिसाल कायम कर रहे हैं।

इस अभियान की सफलता में समाज के सभी वर्गों, जनप्रतिनिधियों तथा सोशल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वहीं खाद्य विभाग के कार्मिकों एवं उचित मूल्य दुकानदारों ने भी अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

खाद्य विभाग द्वारा एमएसपी पर 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वाले लाभार्थी परिवारों की सूची भी तैयार कर जांच की जा रही है, ताकि अपात्रता की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह योजना 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद 01 मार्च 2026 से, जो अपात्र लाभार्थी स्वेच्छा से ‘गिव अप’ नहीं करेंगे, उनसे 30 रुपये 57 पैसे प्रति किलोग्राम गेहूं की दर से खाद्यान्न की वसूली की जाएगी।

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