अजमेर में 400 वर्ष प्राचीन संभवनाथ भगवान जिन मंदिर के पुनरास्थान का भूमि पूजन सम्पन्न

भीलवाड़ा श्री जैन श्वेताम्बर तपागच्छ संघ, अजमेर असंभव को संभव करने वाले, संभवनाथ भगवान शांतिदूत वर्तमान गच्छाधिपति प.पू. आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सूरीश्वर महाराज की पावन निश्रा में आज लाखन कोटड़ी स्थित 400 वर्ष प्राचीन संभवनाथ भगवान जिन मंदिर का पुनरास्थान भूमि पूजन एवं खनन विधान हर्षोल्लास मंत्रोच्चार के साथ पुष्कर रोड़ स्थित चयनित स्थान पर जैन श्वेताम्बर तपागच्छ संघ द्वारा प्रारम्भ हुआ। भूमि पूजन लाभ पारसचंद, विकास कुमार, हर्षित ललवानी एवं खनन विधान लाभ प्रकाश चंद सोनी, दीपक कुमार, चक्षन सोनी परिवार ने लिया।
आचार्य ने फरमाया कि 100 वर्ष प्राचीन मंदिर तीर्थ कहलाता है यह 400 वर्ष प्राचीन मंदिर महातीर्थ की श्रेणी में आ जाता है। नूतन मंदिर अत्यंत भव्य दिव्य कलात्मक शिखरबद्ध बनेगा कहा एवं आशीर्वाद दिया।
भूमि पूजन, खनन विधान समय इन्द्र भगवान की प्रसन्नता बारिश रूप साक्षी बनी। मुनि मोक्षानन्द जी महाराज ने मंगलाचरण एवं संभवनाथ भगवान की वीतरागता 'असंभव को संभव करने वाले, संभवनाथ भगवान के दृष्टांत से उपस्थित समुदाय को अवगत कराया।
कार्यक्रम में बारिश के बावजूद सैकड़ों की संख्या में उपस्थित एवं उत्साह-हर्षोल्लास का वातावरण देखने लायक था। गणमान्य व्यक्तियों में सुबेसिंह चौधरी, प्रेमचंद लूणिया, डॉ. जयचन्द बैद, रिखब सुराणा, शिखरचंदजैन, प्रकाशचंद चौपड़ा, विपिन जैन, सुमतिमल लोढ़ा, संजय भडक्तिया, सुकेश कांकरिया, पूनमचंद करनावट, गौरव तांतेड, अनिल कक्कड़, सुरेशचंद खिंवसरा, दलपतराज भंडारी, राकेश मुनोत, राजकुमार ललवानी, मनोज कास्टिया आदि उपस्थित थे। रिखबचंद सचेती प्रवक्ता जैन श्वेताम्बर तपागच्छ संघ ने बतलाया आचार्य श्री ने आज ही नसीराबाद की तरफ विहार कर दिया है।
रिखबचंद सचेती प्रवक्ता
