बिजौलिया: कस्तूरबा गांधी हॉस्टल में गैस संकट से मचा हड़कंप, छात्राओं को घर भेजने के आरोपों पर वार्डन की सफाई

बिजौलिया (हलचल)। क्षेत्र में एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत का असर अब शैक्षणिक संस्थानों की रसोई तक जा पहुँचा है। कस्बे के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय हॉस्टल में गैस खत्म होने के चलते छात्राओं को घर भेजने की चर्चाओं ने हड़कंप मचा दिया। विशेष रूप से 9वीं और 10वीं कक्षा की चल रही वार्षिक परीक्षाओं के बीच इस स्थिति ने छात्राओं और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
हॉस्टल में रहने वाली छात्रा चंचल भील ने आरोप लगाया कि हॉस्टल प्रबंधन द्वारा गैस की टंकी खत्म होने का हवाला देकर छात्राओं को घर जाने के लिए कहा गया। छात्रा का कहना है कि उसका घर बिजौलिया से करीब 15 किलोमीटर दूर है, ऐसे में रोजाना गांव से आकर परीक्षा देना उसके लिए संभव नहीं होगा।
वार्डन का पक्ष: व्यवस्थाएं सुचारू, अफवाहों पर विराम
इस पूरे मामले पर हॉस्टल वार्डन अनीता धाकड़ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि वर्तमान में हॉस्टल में 9वीं और 11वीं कक्षा की कुल 53 छात्राएं निवास कर रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि गुरुवार को गैस सिलेंडर खत्म हो गया था, लेकिन स्टाफ द्वारा तुरंत एजेंसी से संपर्क कर सिलेंडर की व्यवस्था कर ली गई थी।
मुख्य बिंदु:
गैस आपूर्ति: वार्डन के अनुसार एजेंसी संचालक से बात हो चुकी है और अब रसोई में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
परीक्षाएं: किसी भी छात्रा को हॉस्टल छोड़ने के निर्देश नहीं दिए गए हैं।
समय सीमा: नियमानुसार हॉस्टल 16 मई तक खुला रहेगा, ताकि छात्राएं बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई और परीक्षाएं पूरी कर सकें।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और गैस संकट जैसी अस्थाई समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जा चुका है।
