आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक गुरुवार को, शहर के 18 मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन

भीलवाड़ा, । जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर एवं युग प्रवर्तक भगवान आदिनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक गुरुवार को भीलवाड़ा शहर में श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर के लगभग 18 जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, शांतिधारा, विधान पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला चलेगी और श्रद्धालु भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाएंगे।
श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर आर के कॉलोनी के अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि आर्यिका माता विज्ञा माता के ससंघ सानिध्य में तरणताल के सामने स्थित आर के कॉलोनी मंदिर में प्रातःकाल से ही विविध धार्मिक कार्यक्रम प्रारम्भ होंगे। कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः 5 बजे प्रभात फेरी से होगी, जो आर के कॉलोनी एवं आरसी व्यास कॉलोनी के विभिन्न मार्गों से होकर निकलेगी। प्रभात फेरी में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए भगवान आदिनाथ की महिमा का गुणगान करेंगे।
इसके पश्चात प्रातः 6.15 बजे से भगवान आदिनाथ का भव्य अभिषेक प्रारम्भ होगा। अभिषेक के बाद आर्यिका माता के सानिध्य एवं निर्देशन में भगवान आदिनाथ की मूर्तियों का 1008 मंत्रों के उच्चारण के साथ अभिषेक कराया जाएगा तथा सहस्त्रनाम विधान पूजन सम्पन्न होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु 100-100 कलशों से अभिषेक करेंगे और सहस्त्रनाम विधान में अर्घ्य अर्पित करेंगे। साथ ही हवन कुंड में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक आहुतियां दी जाएंगी, जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठेगा।
गोधा ने बताया कि सहस्त्रनाम विधान का इतना विस्तृत आयोजन आर के कॉलोनी मंदिर में पहली बार किया जा रहा है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग का माहौल है।
मंदिर के सचिव अजय बाकलीवाल ने बताया कि धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शाम को भी जारी रहेगी। गुरुवार सायं 6.30 बजे आर्यिका माता विज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में आनंद यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद सायं 7 बजे आरती एवं भक्तामर आरती का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं भाग लेकर भगवान की आराधना करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक उत्सव को भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस दौरान भगवान के माता-पिता द्वारा देखे गए सोलह स्वप्न, भगवान के जन्म प्रसंग तथा अन्य धार्मिक घटनाओं का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। साथ ही पालना झुलाने की परंपरा निभाई जाएगी, जिसमें श्रद्धालु भगवान के बाल स्वरूप का पालना झुलाकर मंगल गीत गाएंगे।
इस अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जाएगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। पूरे दिन चलने वाले इन धार्मिक आयोजनों से आर के कॉलोनी सहित शहर का वातावरण धर्ममय और भक्तिमय बना रहेगा।
