आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक मनाया

भीलवाड़ा, । बैण्डबाजों के दिव्य घोष, ढोल एवं नगाड़ों की गूंज के साथ दिगम्बर जैन समाज ने गुरुवार प्रातः प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के साथ मनाया। प्रातः 6.30 बजे नित्य अभिषेक के पश्चात शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में 108 मंत्रों के उच्चारण के साथ स्वर्ण कलशों से आदिनाथ भगवान का भव्य महामस्तकाभिषेक किया गया।
श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट के सचिव अजय बाकलीवाल ने बताया कि गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में आदिनाथ भगवान की तीन प्रतिमाओं पर 1008 मंत्रों से अभिषेक कर सहस्त्रनाम विधान पूजन किया गया। संजय कासलीवाल के निर्देशन में संगीतमय विधान पूजन के मध्य मुख्य कलश स्थापना एवं नित्य अभिषेक संपन्न हुआ। मूलनायक भगवान पर प्रथम अभिषेक सनत अजमेरा ने किया।
मंडल विधान के दौरान चन्दा ठोलिया, सपना सेठी, उषा गोधा एवं सुमन सेठी ने मंडल पर चार कलश स्थापित किए। श्रावक-श्राविकाओं ने 100-100 मंत्रों से अभिषेक कर सहस्त्रनाम विधान में अर्घ्य अर्पित किए तथा हवन कुंड में आहुतियां दीं।
अभिषेक में कमल पानटी, अजय टोंग्या, चैनसुख शाह, सुभाष हुमड़, अक्षत गोधा, संत कुमार पाटनी और ललित शाह ने सहभागिता निभाई। विधान पूजन में राजकुमार सेठी, ललित अजमेरा, राजकुमार अग्रवाल, श्रवण कोठारी और राजेन्द्र अजमेरा ने भाग लिया, जबकि हवन में विनोद कासलीवाल, सुनील सेठी, सुरेश बड़जात्या, खेमराज कोठारी, सुभाष सेठी, ज्ञानचंद पाटनी और बी.एल. जैन ने आहुतियां दीं।
सायंकाल गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में आनन्द यात्रा निकाली गई। इसके पश्चात आरती एवं भक्तामर आरती हुई तथा जन्म कल्याणक के प्रतीक स्वरूप भगवान का पालना झुलाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति भाव से उत्सव मनाया।
