जनगणना-2027 जिले में नियमित सहायकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ, डिजिटल जनगणना पर विशेष जोर

जनगणना-2027 जिले में नियमित सहायकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ, डिजिटल जनगणना पर विशेष जोर
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भीलवाड़ा,। 16वीं राष्ट्रीय जनगणना-2027 के अंतर्गत जिले में नियुक्त नियमित सहायकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उप जिला जनगणना अधिकारी डॉ. सोनल राज कोठारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से नियुक्त नियमित सहायक उपस्थित रहे।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. सोनल राज ने कहा कि जनगणना किसी भी देश के सामाजिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक विकास की मजबूत आधारशिला होती है। जनगणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़े न केवल सरकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में सहायक होते हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार एवं आधारभूत संरचना के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी, जिससे आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता एवं त्वरित विश्लेषण संभव हो सकेगा एवं उन्होंने यह भी बताया कि देश में पहली बार स्व गणना का विकल्प भी दिया गया है जिसमें कोई भी भारत का निवासी कही भी बैठ कर दिनांक 01-05-2026 से 15-05-2026 तक स्वयं अपनी मकान सूचीकरण सूचनाएं भर कर SE कोड संख्या प्राप्त कर सकता है ।

उन्होंने नियमित सहायकों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल जनगणना में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। प्रत्येक प्रविष्टि की सटीकता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कार्मिकों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ करें, ताकि जनगणना कार्य बिना किसी त्रुटि के संपन्न हो सके।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय, जयपुर से आए मास्टर ट्रेनर एस.एन. कुमावत एवं अंकित कुमार गुप्ता द्वारा Census Management and Monitoring System (CMMS) पोर्टल के माध्यम से गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मास्टर ट्रेनर्स ने CMMS पोर्टल की संरचना, इसके विभिन्न मॉड्यूल, उपयोगकर्ताओं के प्रकार, यूज़र मैनेजमेंट एवं यूज़र रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को CMMS डैशबोर्ड के उपयोग, रिपोर्ट देखने की प्रक्रिया, फील्ड स्तर से प्राप्त डाटा की निगरानी एवं सत्यापन की तकनीकी जानकारी दी गई। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डाटा सुरक्षा, गोपनीयता एवं त्रुटि सुधार की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) को जनगणना का महत्वपूर्ण चरण बताते हुए इसकी अवधारणा, उद्देश्य एवं उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा मकान सूचीकरण के दौरान पूछे जाने वाले कुल 34 प्रश्नों की क्रमवार जानकारी दी गई तथा प्रत्येक प्रश्न के सही अर्थ, उपयोग एवं प्रविष्टि की विधि को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया।

इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण में पर्यवेक्षक की भूमिका, प्रगणक के साथ समन्वय, फील्ड निरीक्षण, डाटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा त्रुटियों की पहचान एवं सुधार की प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि मकान सूचीकरण के दौरान फॉर्म भरते समय सावधानी बरतना आवश्यक है, क्योंकि इसी डाटा के आधार पर आगामी जनसंख्या गणना की योजना तैयार की जाती है।

प्रशिक्षण के अंतिम चरण में नियमित सहायकों को CMMS पोर्टल पर पंजीकरण, लॉग-इन प्रक्रिया, पासवर्ड प्रबंधन, मोबाइल/टैबलेट के माध्यम से कार्य करने एवं तकनीकी समस्याओं के समाधान से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां दी गईं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित नियमित सहायकों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि इस प्रशिक्षण के उपरांत जिले में जनगणना-2027 का कार्य निर्धारित समयसीमा में सटीक, पारदर्शी एवं सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकेगा।

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