आसमान में छाए बादल, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें; गेहूं-जौ की फसल पर संकट

भीलवाड़ा (मदनलाल वैष्णव)। जिले में आज सुबह से ही मौसम के बदले मिजाज ने अन्नदाताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं। तड़के से ही आसमान में बादलों का डेरा जमा हुआ है, जिससे क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का डर पैदा हो गया है। शहर सहित ग्रामीण इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी और छींटे गिरने की भी सूचना है।
कटाई के समय मौसम की मार
वर्तमान में जिले का किसान गेहूं और जौ की फसल की कटाई में जोर-शोर से जुटा हुआ है। खेतों में फसल पक कर तैयार है और कई स्थानों पर कटाई का कार्य अंतिम चरण में है। ऐसे में अचानक बदले मौसम ने किसानों को भारी चिंता में डाल दिया है। किसानों का कहना है कि साल भर की मेहनत अब घर आने वाली थी, लेकिन कुदरत के इस बदले रूप ने सब कुछ दांव पर लगा दिया है।
भीगने से खराब हो सकती है उपज
खेती के जानकारों और किसानों के अनुसार, यदि इस समय तेज बारिश होती है या ओले गिरते हैं, तो खेतों में कटी पड़ी गेहूं और जौ की फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। पानी लगने से अनाज के दाने काले पड़ सकते हैं और उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने से बाजार में सही दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा। किसान अब जल्द से जल्द कटी हुई फसल को किसान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जद्दोजहद में जुटे नजर आ रहे हैं।
