हरीशेवाधाम में दीक्षादान समारोह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भव्य स्वागत

हरीशेवाधाम में दीक्षादान समारोह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भव्य स्वागत
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भीलवाड़ा। टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा आज आध्यात्मिक और राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज भीलवाड़ा प्रवास पर रहे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध हरीशेवाधाम में आयोजित भव्य दीक्षादान समारोह में शिरकत की। मुख्यमंत्री के आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और साधु-संतों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।


साधु-संतों और दिग्गजों का जमावड़ा

हरीशेवाधाम में आयोजित इस आध्यात्मिक समागम में श्रद्धा और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ राज्यसभा सांसद उमेशनाथ महाराज, प्रदेश के सहकारिता मंत्री गौतम दत और भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल भी मौजूद रहे। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर से आए प्रतिष्ठित साधु-संतों ने शिरकत की, जिनकी उपस्थिति ने वातावरण को धर्ममय

उज्जैन कुंभ 2028 का दिया निमंत्रण

सीएम डॉ. यादव ने देश-दुनिया के सबसे बड़े मेले 'सिंहस्थ कुंभ 2028' के लिए संतों और भक्तों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, "2028 में महाकाल की नगरी उज्जैन में कुंभ होगा, और आपके बिना यह मेला अधूरा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सनातन संस्कृति का गौरव वैश्विक स्तर पर बढ़ा है।

राजस्थान और मध्यप्रदेश का अनूठा संगम

मंच से 'जय श्रीराम' का उद्घोष करते हुए डॉ. यादव ने एक दिलचस्प समीकरण साझा किया। उन्होंने कहा, "मैं 'राम' के 'रा' से राजस्थान और 'म' से मध्यप्रदेश को जोड़ता हूं।" उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नाम लेकर अभिनंदन किया और अंत में 'राम-राम सा' कहकर राजस्थानी परंपरा का सम्मान किया।


तीन ब्रह्मचारी बने 'संत', हुआ भव्य अभिनंदन

समारोह के दौरान तीन दीक्षार्थियों—इंद्रदेव, कुणाल और सिद्धार्थ—को विधिवत दीक्षा दिलाई गई। अब वे क्रमशः संत ईशानराम जी उदासी, संत केशवराम जी उदासी और संत सूयज्ञराम जी उदासी के नाम से जाने जाएंगे। इससे पूर्व उनकी सांसारिक जीवन की पिंड क्रिया संपन्न की गई। सीएम यादव और अन्य अतिथियों ने नव-दीक्षित संतों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

दिग्गज संतों और नेताओं की उपस्थिति

महंत हंसराम उदासीन: उन्होंने कहा कि संत कभी मांगता नहीं, बल्कि सदैव समाज को देता है।

सांसद बाल योगी उमेशनाथ: उन्होंने महिलाओं से बच्चों को 5 वर्ष की आयु से ही गुरु शरण में भेजने का आह्वान किया।

मंत्री गौतम दक व सांसद दामोदर अग्रवाल: उन्होंने भीलवाड़ा को धार्मिक नगरी बताते हुए कहा कि ये नए संत सनातन की मिसाल कायम करेंगे।

इस अवसर पर काष्र्णि पीठाधीश्वर गुरुशरणानंद जी महाराज, शांतानंद जी, डॉ. श्यामसुंदर पाराशर सहित देशभर के प्रख्यात संत-महंतों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।

उद्यमियों के साथ संवाद

दीक्षादान समारोह के आध्यात्मिक लाभ लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अगला पड़ाव आर्थिक विकास पर केंद्रित होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री भीलवाड़ा के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस मीटिंग में व्यापारिक संबंधों, निवेश की संभावनाओं और औद्योगिक विकास पर चर्चा होने की उम्मीद है। समारोह में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ शहर के सैकड़ों गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।


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