भीलवाड़ा में ठंड में गजक-रेवड़ी की मांग बढ़ी, मुरैना कारीगरों का खास स्वाद पसंद

भीलवाड़ा । जैसे-जैसे सर्दी का पारा गिर रहा है, वैसे-वैसे तिल-गुड़ और मूंगफली से बनी गजक व रेवड़ी की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य और स्वाद के इस संगम को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
भीलवाड़ा में श्री देव गजक भण्डार की खासियत यह है कि यहाँ विशेष रूप से मुरैना के अनुभवी कारीगरों द्वारा गजक तैयार की जा रही है। पारंपरिक तरीके से लकड़ी के कड़ाव में तिल और गुड़ की कुटाई कर बनाई गई यह गजक न केवल खाने में लाजवाब है, बल्कि कड़कड़ाती ठंड में शरीर को ऊर्जा और गर्माहट देने के कारण अत्यंत पौष्टिक भी मानी जाती है।
दुकान के संचालक जमना लाल साहू ने बताया कि ग्राहकों की पसंद को देखते हुए इस बार गजक की कई वैरायटी उपलब्ध करवाई गई हैं, जिसमें स्पेशल मुरैना गजक, रोल गजक, शुद्ध देशी घी की बर्फी गजक, सदाबहार गजक, रेवड़ी और मूंगफली गजक शामिल हैं।
वहीं पेठा प्रेमियों के लिए सादा पेठा और रसीला अंगूरी पेठा भी बनाया जा रहा है। दुकान संचालक लक्ष्मण लाल साहू का कहना है कि वे गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करते। शुद्ध देशी घी और उच्च श्रेणी के तिल-गुड़ का उपयोग ही उनकी पहचान है।
