सड़क हादसों पर सख्ती की मांग: जिम्मेदार अफसरों पर गैर इरादतन हत्या के मुकदमे चलाने की उठी आवाज

भीलवाड़ा |भारत सरकार के केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं निदेशक (सड़क सुरक्षा) सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली को उपभोक्ता अधिकार समिति राजस्थान भीलवाड़ा के केन्द्रीय मानवाधिकार अध्यक्ष डॉ अशोक सोडाणी द्वारा सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कार्रवाई की मांग के साथ जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों पर " गै़ैर ईरादतन हत्या " के मुकदमे चलाए जाने के लिए एक ज्ञापन पत्र भेजा गया है !
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि भारत सरकार बढ़ती सड़क दुघर्टनाओं को लेकर चिंतित हैं और उनको रोकने हेतु नियमित रूप से प्रयासरत भी हैं , लेकिन सड़क दुघर्टनाओं में होने वाली मृत्यु दर बढ़ती ही जा रही है !
उसी क्रम में ज्ञापन पत्र द्वारा हम आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं कि भीलवाड़ा जिले के साथ साथ पूरे देश में सड़कों पर विभिन्न तरह हैं की जो कमियां पाई जाती है - गढ्ढे, आवारा पशु, ओवर लोडिंग, ओवर स्पीड , सड़कों की गलत डिजाइन, रिश्वतखोरी , ईत्यादि अनेकों अनेक कारण हैं , जिनकी वजहों से गम्भीर सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती ही जा रही है !
सरकार आम आदमी,आम जनता पर तो सख्ती कर ही रही है जो जरूरी भी है, लेकिन अगर इसके साथ साथ जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों पर " गै़ैर ईरादतन हत्या " के आपराधिक मुकदमे चलाए जाएं तो बहुत हद तक बढ़ती सड़क दुघर्टनाओं पर लगाम लगाई जा सकती है !
डॉ अशोक सोडाणी ने ज्ञापन पत्र में कहा कि - कहावत है कि "भय बिन प्रीत ना होय गुसाईं ! " बस वो भय आम जन के साथ साथ जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों में भी होना ही चाहिए !
उपभोक्ता अधिकार समिति राजस्थान भीलवाड़ा के केन्द्रीय सचिव एडवोकेट प्रहलाद राय व्यास , केन्द्रीय अध्यक्ष सुनील राठी, केन्द्रीय मानवाधिकार अध्यक्ष डॉ अशोक सोडाणी, केन्द्रीय महिला अध्यक्ष मधु जाजू , केन्द्रीय उपाध्यक्ष अशोक सोमानी , जिला युवा अध्यक्ष अंकित सोमानी , महिला जिलाध्यक्ष अर्चना दूबे एवं समस्त सदस्यगण ने जनहित में भारत सरकार को भेजे ज्ञापन पत्र में अनुरोध किया हैं कि सड़क दुर्घटनाएं - अधिकारियों व कर्मचारियों की गैर जिम्मेदारी या लापरवाही से होती हैं तो उन पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं और गैर इरादतन हत्या के तहत कार्रवाई की जाए।
