शहीद भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों से ही बचेगा लोकतंत्र और संविधान

भीलवाड़ा - स्थानीय मानसिंहका धर्मशाला में आज महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह के शहादत दिवस पर एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भगत सिंह के जीवन और उनके क्रांतिकारी विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सभा जगदीश मानसिंहका के सानिध्य में संपन्न हुई, जबकि अध्यक्षता सीताराम जी खोईवाल ने की।
विचार गोष्ठी - प्रहलाद राम व्यास, का. कैलाश गहलोत, का. ओमप्रकाश शर्मा और सत्यनारायण शर्मा ने वर्तमान परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में शहीद भगत सिंह की विरासत से मिला संविधान और लोकतंत्र चुनौतियों से घिरा है। उन्होंने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और मीडिया के गिरते स्तर के बीच न्यायपालिका की भूमिका पर भी खतरा मंडरा रहा है।
शहीद भगत सिंह की शहादत को नमन करते हुए श्यामसुन्दर तिवाड़ी, मनोहर लाल कुमावत, नरेन्द्र वर्मा एवं रामनिवास रोनीराज ने जोश से भरी क्रांतिकारी कविताओं का पाठ किया। गोष्ठी में रोडवेज कर्मचारी संघ के साथी जमील खां, भवानी सिंह और रतन लाल खटीक ने भी अपने विचार साझा किए।
सभा का कुशल संचालन का. मोहम्मद हुसैन कुरैशी द्वारा किया गया। अंत में सभी उपस्थित जनों ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
