गुलमंडी में छात्राओं को कौशल विकास किट व सिलाई मशीनों का वितरण

भीलवाड़ा। राजस्थान सरकार की व्यावसायिक शिक्षा योजना के अंतर्गत राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गुलमंडी, भीलवाड़ा में अध्ययनरत छात्राओं के कौशल विकास के लिए आवश्यक संसाधन किट उपलब्ध कराए गए। ये किट राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् जयपुर के माध्यम से विद्यालय को प्राप्त हुए।
विद्यालय में ब्यूटी एवं वेलनेस विषय की 34 छात्राओं को ब्यूटी किट प्रदान की गई, वहीं अपैरल मेड-अप एंड होम फर्निशिंग ट्रेड में अध्ययनरत 35 विद्यार्थियों को सिलाई मशीनें वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालय विकास एवं प्रबंध समिति के विधायक प्रतिनिधि एवं विधानसभा संयोजक संजय राठी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक प्रतिनिधि दुर्गालाल सोनी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के अध्यक्ष प्रशांत परमार, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेंद्र मार्ग के प्रधानाचार्य राजेंद्र गहलोत तथा एसडीएमसी सदस्य नैना उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में एसडीएमसी सदस्य विद्या एवं सावित्री की भी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा सरस्वतीजी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुज नुवाल ने किया, जिन्होंने विद्यालय में संचालित व्यावसायिक शिक्षा योजना की गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि संजय राठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि व्यावसायिक शिक्षा वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह शिक्षा विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती है। दुर्गालाल सोनी ने कहा कि ब्यूटी एवं वेलनेस तथा मेड-अप एंड होम फर्निशिंग जैसे ट्रेड छात्राओं को स्वरोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार द्वारा किट एवं सिलाई मशीनों का वितरण इस दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
प्रशांत परमार ने विद्यार्थियों को विभिन्न उदाहरणों और प्रश्नों के माध्यम से कौशल शिक्षा का महत्व समझाया। इस अवसर पर विद्यालय की कौशल मित्र सावित्री अग्रवाल, व्यावसायिक प्रशिक्षक संगीता दीक्षित एवं माया पंकज भी उपस्थित रहे।
प्रधानाचार्य सुनीता जीनगर ने छात्राओं को सरकार द्वारा प्रदान की गई किट का अधिकतम उपयोग कर स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ आजीविका के अवसर भी प्राप्त होते हैं। कार्यक्रम के अंत में उपाचार्य रजनी मेहता ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
