मालीखेड़ा में अवैध पत्थर खनन पर जिला प्रशासन की कार्रवाई

भीलवाड़ा। पुर के पास मालीखेड़ा क्षेत्र में चल रहे अवैध पत्थर खनन के मामले में जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की है। जिला कलक्टर की सख्ती के बाद खनिज विभाग ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और दो खातेदारों की जमीन की खातेदारी निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
जिला कलक्टर ने खनिज अभियंता महेश शर्मा से पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की। इसके बाद शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम मालीखेड़ा में दबिश के लिए पहुंची। हालांकि कार्रवाई की भनक लगते ही खननकर्ता मौके से भाग गए, लेकिन जमीन पर खोदे गए गड्ढे और ताजे खनन के निशान अवैध खनन की पुष्टि कर रहे थे। विभाग ने पटवारी के साथ मिलकर पैमाइश की, जिससे अवैध खनन की गंभीर स्थिति सामने आई।
खनिज विभाग ने रिपोर्ट के आधार पर दो मुख्य खातेदारों को चिन्हित किया और उन पर कुल 28.68 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
विमला देवी (खसरा नं. 466): 25 मीटर लंबा, 22 मीटर चौड़ा और 3 मीटर गहरा गड्ढा खोदकर पत्थर निकाला गया। विभाग ने 18.56 लाख रुपए का जुर्माना वसूलने का पंचनामा बनाया।
जगदीश माली (खसरा नं. 11105/9099): 40 मीटर लंबाई और 1.5 मीटर गहराई में अवैध खनन पाया गया। इन पर 10.12 लाख रुपए का पंचनामा बनाया गया।
खनिज अभियंता महेश शर्मा ने कहा कि अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोनों खातेदारों की जमीन निरस्त करने के लिए तहसीलदार को पत्र लिखा जा रहा है और राजस्व रेकॉर्ड से खातेदारी समाप्त करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
