एनीमिया से घबराएं नहीं, एफसीएम इंजेक्शन से तेजी से बढ़ता है हीमोग्लोबिन”-सीएमएचओ

भीलवाड़ा, । जिले में बुधवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत चिकित्सा संस्थानों पर गर्भवती महिलाओं की विशेष स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान उच्च जोखिम वाली महिलाओं को चिन्हित कर उपचार दिया गया तथा पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के चिकित्सा केन्द्रों पर बुधवार को आयोजित हुए पीएमएसएमए अभियान के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया। एनीमिया से ग्रस्त गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज (एफसीएम) इंजेक्शन लगाए गए, जिससे हीमोग्लोबिन स्तर तेजी से बढ़ता है। साथ ही मां वाउचर योजना के अंतर्गत निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए वाउचर भी जारी किए गए। उन्होंने बताया कि पीएमएसएमए अभियान के दौरान जिले की गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की पहचान कर उन्हें चिकित्सकीय सलाह अनुसार एफसीएम इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। यह सुरक्षित उपचार है, जिसे डे-केयर में कम समय में दिया जा सकता है और इससे 1.5 से 2 माह में हीमोग्लोबिन स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9, 18 व 27 तारीख को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच की जा रही है। साथ ही उन्हें आयरन युक्त आहार जैसे हरी सब्जियां, गुड़ और चना सेवन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
सीएमएचओ ने अपील करते हुए कहा कि महिलाएं एनीमिया के लक्षण जैसे चक्कर आना, थकान या सांस फूलने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सकों को दिखाएं और अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं और राज्य सरकार की निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाएं।
