मोखुंदा में डॉ. अंबेडकर पाठशाला का शुभारंभ

मोखुंदा में डॉ. अंबेडकर पाठशाला का शुभारंभ
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भीलवाड़ा - क्षेत्र के ग्राम मोखुंदा में रैगर समाज मोहल्ले में निर्धन एवं जरूरतमंद बालक-बालिकाओं को निरूशुल्क शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से ’डॉ. आंबेडकर पाठशाला’ का भव्य शुभारंभ किया गया। यह अनूठी पहल रैगर समाज मोखुंदा द्वारा शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए की गई है।

जन्मदिन पर फिजूलखर्ची छोड़ शिक्षा को दिया बढ़ावा कार्यक्रम के आयोजन समिति सदस्य गोपाल नोगिया ने बताया कि पाठशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि मोतीलाल सिंघानिया ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर फीता काटकर किया।

इस अवसर पर सिंघानिया ने समाज के युवाओं और अधिकारियों से अपील करते हुए कहा, ’’हमें जन्मदिन पर फिजूलखर्ची करने के बजाय समाज के गरीब और होनहार विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए काम करना चाहिए। शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे समाज में नेतृत्व और अधिकारी पैदा होते हैं। चाहे एक रोटी कम खाएं, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाएं।’’ उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों और नशे के त्याग पर भी जोर दिया।

शिक्षा है शेरनी का दूध मुख्य वक्ता एवं व्याख्याता राधेश्याम सूंकरिया ने बाबा साहेब के विचारों को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो जितना पिएगा उतना दहाड़ेगा। शिक्षा का अर्थ केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि अपने हक और अधिकारों के प्रति जागरूक होना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आम चोखला झाड़ोल के अध्यक्ष लक्ष्मण तगाया ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में मोखुंदा सरपंच इन्द्रा देवी रैगर, रतन डडवाडिया, बबलू सूंकरिया, राकेश तगाया, किशन हिणोनिया, अर्जुन डडवाडिया, विजय डडवाडिया, गणपत डडवाडिया, मोहन खमोकरिया, लोकेश खमोकरिया और पोटला सरपंच प्रतिनिधि रमेश शेरसिया उपस्थित रहे। मंच का सफल संचालन गिरदावर रमेश तगाया ने किया।

आयोजन समिति के मदन तगाया (सरपंच प्रतिनिधि), मूलचंद, रोशनलाल, केशुराम, हेमराज नोगिया, मोहन लाल, मनोहर लाल, शोलाराम, प्रेमचंद, रविंद्र, डालचंद, मनोज, गोपाल, दिनेश, शिव, नारायण, शांतिलाल, किशन, सुमन सहित समाज के कई प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।

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