अमेरिका से एमबीबीएस, भारत में टॉप रैंक: भीलवाड़ा के डॉ. कुणाल गहलोत ने रचा नया कीर्तिमान

भीलवाड़ा । नगर निगम के सफाई स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार गहलोत के सुपुत्र डॉ. कुणाल गहलोत ने चिकित्सा क्षेत्र में एक अलग और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज का नाम रोशन किया है। डॉ. कुणाल गहलोत ने अमेरिका के शिकागो, बाल्टीमोर और मिशिगन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की तथा अमेरिका के प्रसिद्ध महिन मेडिकल कॉलेज से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
एमबीबीएस की पढ़ाई पूर्ण करने के बाद जब उन्होंने भारत से डॉक्टर की डिग्री प्राप्त की, तो सामान्य श्रेणी में 13वां स्थान और एससी वर्ग में ऑल इंडिया लेवल पर प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि वाल्मीकि समाज सहित समस्त दलित समाज के लिए गर्व का विषय बन गई है।
इस खुशी के अवसर पर मित्रों, रिश्तेदारों और समाजबंधुओं ने डॉ. कुणाल गहलोत के निवास पर पहुंचकर उन्हें बधाइयां दीं और खुशी जाहिर की। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश देसाई ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सफलता डॉ. कुणाल की लगन, कठिन परिश्रम और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि डॉ. कुणाल की उपलब्धि समाज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
राकेश देसाई ने बताया कि डॉ. कुणाल गहलोत ने यह मुकाम हासिल कर न केवल अपने माता-पिता और परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे वाल्मीकि समाज और दलित समाज की युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने का संदेश दिया है। स्वयं डॉ. कुणाल गहलोत ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। अगर जीवन में कुछ कर दिखाने की ठान ली जाए, तो लक्ष्य प्राप्त होने तक लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। जैसे बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही निरंतर मेहनत से सफलता मिलती है।
डॉ. कुणाल गहलोत की इस सफलता से भीलवाड़ा सहित पूरे राजस्थान के वाल्मीकि समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। सभी ने ईश्वर से उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और सफल चिकित्सकीय जीवन की कामना की तथा आशा व्यक्त की कि वे समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा में निरंतर योगदान देते रहेंगे।
सभी लोगों ने डॉ. कुणाल गहलोत और समस्त गहलोत परिवार को इस महान उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। डॉ. कुणाल गहलोत ने अपनी सफलता का श्रेय भारत के संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और उनके द्वारा निर्मित संविधान को दिया।
उल्लेखनीय है कि डॉ. कुणाल गहलोत के पिता नगर निगम भीलवाड़ा में स्वास्थ्य निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके दादा नगर निगम में जमादार के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
