केसरपुरा में पेयजल संकट: 15 दिनों से बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण, महिलाओं ने मटकियां फोड़ जताया विरोध

केसरपुरा में पेयजल संकट: 15 दिनों से बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण, महिलाओं ने मटकियां फोड़ जताया विरोध
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आसींद (हलचल)। उपखंड क्षेत्र की मालासेरी पंचायत मुख्यालय के केसरपुरा गांव में पिछले दो सप्ताह से चंबल परियोजना की जलापूर्ति ठप होने से हाहाकार मचा हुआ है। भीषण गर्मी की दस्तक के बीच पानी की किल्लत से जूझ रही आक्रोशित महिलाओं ने मंगलवार को खाली मटकियां फोड़कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, निजी टैंकरों का सहारा

ग्रामीण महिला बाली देवी गुर्जर ने बताया कि गांव में चंबल परियोजना की पाइपलाइन जगह-जगह से लीकेज और क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस कारण पिछले 15 दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों को मजबूरन भारी भरकम राशि चुकाकर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

पंचायत पर अनदेखी का आरोप

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों को डर है कि यदि अभी यह हाल है, तो आने वाले मई-जून के महीनों में स्थिति और भी विकराल हो जाएगी। मंगलवार को महिलाओं ने एकत्रित होकर नारेबाजी की और मटकियां फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब क्षतिग्रस्त पाइपलाइन दुरुस्त करवाकर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।

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