नौगांवा में भागवत समरसता की गूंज: 6 प्रमुख स्थानों से निकलेंगी प्रभात फेरियां

भीलवाड़ा । वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में 'भागवत समरसता महोत्सव' के तहत आध्यात्मिक उत्सव की भव्य तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के 6 अलग-अलग स्थानों से निकलने वाली प्रभात फेरियां होंगी, जो श्रद्धालुओं को भक्ति के सूत्र में पिरोएंगी। आयोजन समिति ने दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले भक्तों की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए शहर के प्रमुख चौराहों और आसपास के गांवों से कथा स्थल तक पहुँचने के लिए बसों का व्यापक प्रबंध किया है, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु सुगमता से इस अमृतमयी कथा का लाभ उठा सके। जोधपुर के गोवत्स राधाकृष्ण महाराज के पावन मुखारविंद से आगामी 27 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक गाडरमाला रोड स्थित माधव गौशाला परिसर, नौगांवा में 'श्रीमद् भागवत कथा' का रसपान कराया जाएगा। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। महोत्सव को सफल बनाने के लिए संत श्री स्वयं श्रद्धालुओं के साथ विभिन्न क्षेत्रों में प्रभात फेरियों का नेतृत्व करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रभात फेरियों का सिलसिला 28 मार्च को कोठारी वाटिका (पुर) से शुरू होगा। इसके पश्चात 29 मार्च को नीलकण्ठ महादेव मन्दिर (शास्त्री नगर), 30 मार्च को पुराना हनुमान मन्दिर (कारोई), 31 मार्च को दुदाधारी गोपाल मन्दिर (शहीद चौक), 1 अप्रैल को बालाजी मन्दिर (दरिबा कोटड़ी) और अंतिम दिन 2 अप्रैल को लक्ष्मीनाथ मन्दिर (गाडरमाला) से प्रभात फेरियाँ निकाली जाएंगी। इन सभी प्रभात फेरियों का समय प्रातः 6:30 से 7:30 बजे तक रहेगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आयोजन समिति ने परिवहन व्यवस्था को अत्यंत सुदृढ़ बनाया है। भीलवाड़ा शहर के विभिन्न मोहल्लों सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों के प्रमुख स्थानों पर विशेष बसों की तैनाती की गई है। ये बसें कथा प्रारंभ होने से पूर्व श्रद्धालुओं को निश्चित पिक-अप पॉइंट से लेकर माधव गौशाला पहूंचेंगी और कथा विश्राम के बाद उन्हें पुनः गंतव्य तक छोड़ेंगी। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बसों का रूट चार्ट इस प्रकार तैयार किया गया है कि गांव और शहर के किसी भी कोने से आने वाले भक्त को पैदल न चलना पड़े। बसे लगाने के लिए मनीष बहेडिया व कैलाश डाड से संपर्क कर सकते है। माधव गौशाला परिसर में भव्य पाण्डाल और अन्य व्यवस्थाए अंतिम चरण में हैं। समरसता के इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए जिले भर के धर्मप्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुविधा अनुसार नजदीकी बस स्टॉप से वाहन सेवा का लाभ उठाएं और संत श्री के साथ प्रभात फेरियों में सम्मिलित होकर पुण्य के भागी बनें।
