हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की: श्रीराम और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूम उठे भक्तजन

भीलवाड़ा (रमेश चंद्र डाड) श्रीमद् भागवत कथा 11 से 17 मार्च तक ऋष्य श्रृंग संस्थान, हरणी महादेव रोड, भीलवाड़ा में कथावाचक ने कहा कि मनुष्य मृत्यु के समय जैसा मन रखता है, आगामी जन्म उसी योनि में होता है। प्रभु से मन लगाकर रखे तो सारे काम स्वत होते रहते हैं।
चतुर्थ दिन कथावाचक भगवतीकृष्ण महाराज ने वाचन में किसी से उनकी मंजिल का पता लगाया नहीं जा सकता। फकीरी में भी मुझे मांगने में मुझको लाज आती हैं। गिरधर आओ तो सरी, ओ आओ तो सरी। मीरा एकली खड़ी। चतुर्भुज जगन्नाथ कंठ शोभित। जैसे भजनों पर पांडाल झूम उठा। भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा, प्रहलाद चरित्र का वृत्तांत सुनाया। श्री राम जन्मोत्सव, श्री कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी आते ही हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की से पूरा पांडाल भक्तिमयता से झूम उठा।
विशेष अनुग्रह श्रीमती अरुणा पारीक (धर्मपत्नी) आयोजक हर्षवर्धन, प्रहलाद, बालमुकुंद, बालस्वरूप, रविशंकर, विवेक पारीक एवं समस्त पारीक परिवार (खजूरी वाले) भीलवाड़ा ने बताया कि स्व. श्री जगदीश प्रसाद पारीक की पावन पुण्य स्मृति में मेवाड़ धरा के सुप्रसिद्ध अथर्ववेदाचार्य श्रद्धेय कथावाचक भगवती कृष्ण महाराज के मुखारविंद द्वारा पितृ मोक्षदायिनी श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जो 17 मार्च मंगलवार तक ऋष्य श्रृंग संस्थान, हरणी महादेव रोड शास्त्रीनगर भीलवाड़ा में मध्यान्ह 12:15 बजे से 4:15 बजे तक की जाएगी। दिनांक 14 से 16 मार्च तक प्रतिदिन रात्रि 8 बजे नानी बाई का मायरा का भव्य आयोजन किया जाएगा। श्रीमद् भागवत कथा के लिए पारीक परिवार द्वारा अधिक से अधिक कथा श्रवण करने भक्तों को पहुंचने का आव्हान किया जा रहा है।
