श्री मसानिया भैरवनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर उमड़ी आस्था: सहस्त्रधारा अभिषेक और भस्म आरती रहे मुख्य आकर्षण

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी के पंचमुखी मोक्षधाम में स्थित प्रसिद्ध श्री मसानिया भैरवनाथ मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व गहन आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया। भगवान शिव और शक्ति के मिलन के इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में दो दिवसीय भव्य धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला आयोजित की, जिसमें जिले भर से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल हुए।
श्री मसाणिया भैरवनाथ विकास समिति के अध्यक्ष रवि कुमार सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ प्रथम दिवस की रात्रि को बाबा भैरवनाथ के सहस्त्रधारा अभिषेक के साथ हुआ। शास्त्रों में सहस्त्रधारा अभिषेक को अत्यंत कल्याणकारी माना गया है, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
महाकाल तर्ज पर आरती और 12 अभिषेक
उत्सव के दूसरे दिन श्रद्धा का सैलाब अपने चरम पर रहा। प्रातः से ही बाबा भोलेनाथ के 12 विशेष अभिषेक लगातार चलते रहे। दोपहर 12:15 बजे महाकाल तर्ज पर भव्य आरती का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु एक साथ हर-हर महादेव के जयघोष के साथ सहभागी बनें। इसके साथ ही दिनभर महाआरती एवं पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा। चिता भस्म आरती अलौकिक आकर्षण रही, श्मशान अधिपति के स्वरूप में भगवान शिव की यह विशेष पूजा साधकों और शिवभक्तों के लिए अत्यंत दुर्लभ एवं आध्यात्मिक महत्व रखती है। इस अलौकिक आरती के दर्शन हेतु बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं जुटे।
पुण्य लाभ अर्जन का अवसर
मंदिर के पुजारी संतोष कुमार खटीक ने बताया कि महाशिवरात्रि केवल पर्व नहीं, बल्कि आत्म-साक्षात्कार और साधना की पावन रात्रि हैं, उन्होंने भीलवाड़ा एवं आसपास के क्षेत्रों के समस्त श्रद्धालुओं इस भव्य आयोजन में सम्मिलित हुए ओर दुर्लभ अनुष्ठानों के साक्षी बने और पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई।
