सुवाणा में किसान मेला आयोजित

भीलवाड़ा |कृषि विज्ञान केन्द्र भीलवाड़ा के तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन में मीव किसान बाजार कृषक उत्पादक संगठन भीलवाड़ा द्वारा आयोजित किसान मेले का समापन किया गया। तीन दिवस तक संचालित किसान मेले में विभिन्न जिलों एवं अन्य राज्यों से उन्नत कृषि यन्त्रों, उन्नत बीजों, ड्रॉन तकनीकी एवं कृषि की नवीनतम तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा किसानों को आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती की उपयोगिता से लाभान्वित किया गया। समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद दामोदर अग्रवाल ने किसानों को आह्वान किया कि किसान भाई प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाकर मानव एवं मृदा स्वास्थ्य को सुधारें। माननीय सांसद ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र स्थित प्राकृतिक खेती इकाई के विस्तार एवं सुदृढीकरण के लिए सांसद कोष से 25 लाख रूपये देने की घोषणा की। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक डॉ. जे. एस. संधू ने व्यावसायिक खेती करने पर जोर देते हुए कृषि में नवीन तकनीकों का समावेश कर आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया। कृषि महाविद्यालय भीलवाड़ा के पूर्व डीन डॉ.एस. डी. धाकड़ ने कृषि में यन्त्रिकरण द्वारा समय, श्रम एवं लागत को कम करने की आवाश्यकता जताई साथ ही जैविक खेती के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. एच. एल. बुगालिया ने पशुओं की उन्नत नस्ले एवं उनके प्रबन्धन की जानकारी साझा की। फार्मट्रेक ट्रेक्टर के प्रबन्धक रामप्रसाद धाबाई ने कृषि में यन्त्रिकरण को बढ़ावा देने एवं नवीन कृषि यन्त्रों का उपयोग करने की आवश्यकता प्रतिपादित की। सुवाणा भाजपा मण्ड़ल अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषक हितार्थ योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की आवश्यकता प्रतिपादित की। मीव किसान बाजार कृषक उत्पादक संगठन भीलवाड़ा के निदेशक महावीर शर्मा ने मेले की सफलता पर सभी का आभार जताया तथा संगठन के सीईओ भगवत सिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र के लालचन्द कुमावत, महावीर धोबी एवं रामानन्द चौबे का मेले के आयोजन में अहम् योगदान रहा। मेले के समापन के अवसर पर प्रगतिशली कृषक अम्बा लाल जाट, जमना लाल जाट एवं मशरूम उत्पादक दिव्यलोट को सम्मानित किया गया। विभिन्न स्थानों से लगाई गई प्रदर्शनी में जेसीबी इन्टरप्राईजेज, धाबाई ट्रेक्टर्स, फार्म किंग, एवं ओस्तवाल ग्रुप को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मेले में जिले के 2200 किसानों ने भाग लिया।
