वन कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना, निर्दोष कर्मचारियों की बहाली की मांग

भीलवाड़ा। वन विभाग के कर्मचारियों का आज से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार व धरना प्रदर्शन उप वन संरक्षक कार्यालय के बाहर शुरू हो गया। संयुक्त वन कर्मचारी संघ के आह्वान पर पूरे जिले के कर्मचारी धरने पर बैठ गए हैं। उनकी एक ही मांग है कि निर्दोष कर्मचारियों को पुनः बहाल किया जाए।
शाहपुरा रेंज में वनखंड पीलिमगरा में पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में वन विभाग ने शाहपुरा नाका इंचार्ज असिस्टेंट फॉरेस्टर विश्राम मीणा और फॉरेस्ट गार्ड शंकर माली को सस्पेंड कर दिया था। जबकि इन्होंने ही सबसे पहले अधिकारियों को पेड़ कटने की सूचना दी थी। विभागीय जांच में विश्राम मीणा और शंकर माली निर्दोष साबित हुए, इसके बावजूद उन्हें अब तक बहाल नहीं किया गया। इससे वन कर्मचारियों में आक्रोश है। तीन दिन से काली पट्टी बांधकर रेंज स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था।
अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा भी आज धरना स्थल पहुंचे और धरना-प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया।
राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष लालाराम गुर्जर, महामंत्री शांतिलाल पारीक, संरक्षक चंद्रपाल सिंह राणावत, राजस्थान वन अधीनस्थ कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सत्यनारायण भट्ट, वाहन चालक संघ के जिला अध्यक्ष देवकरण, रेंजर एसोसियेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय शर्मा, महिला जिला अध्यक्ष मीरा मीणा और सभी रेंज अध्यक्ष सुखवंती जाट, नारायण सिंह, प्रभु लाल चौधरी, थानमल परिहार, दुर्गेश रैगर, लोकेंद्र सिंह ने भी धरना दिया।
राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ के महामंत्री शांतिलाल पारीक ने बताया कि अधीनस्थ संघ द्वारा कई बार निर्दोष वन कर्मियों की बहाली के संबंध में ज्ञापन दिए गए। इसके बावजूद प्रधान मुख्य वन संरक्षक जयपुर द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण समस्त वन कर्मचारी संघ धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गया।
धरना-प्रदर्शन में वन मंत्रालय कर्मचारी संघ, वन अधीनस्थ कर्मचारी संघ, वाहन चालक संगठन एवं वन अधीनस्थ संघ शामिल हैं। वन कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि निर्दोष कर्मचारियों के बहाल नहीं होने तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
