भीलवाड़ा जिले की 118 जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत, जल्द शुरू होंगे कार्य

भीलवाड़ा( हलचल) भीलवाड़ा सहित प्रदेशभर के जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 169 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत कर दी है।भीलवाड़ा जिले की 118 स्कूलो की मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत की गई हैसमग्र शिक्षा अभियान के तहत 1936 स्कूलों को चिह्नित कर मरम्मत कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह राशि सिर्फ स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार पर ही खर्च की जाएगी। किसी अन्य मद में इस राशि का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
कंवरपुरा सिदडीयास
समग्र शिक्षा निदेशालय की निदेशक अनुपमा जोरवाल के अनुसार, यह निर्णय स्कूलों के भवनों की स्थिति के सर्वेक्षण के आधार पर लिया गया है। मरम्मत कार्य के लिए स्पष्ट निर्देश हैं कि इस राशि का उपयोग केवल भवनों की मरम्मत और जीर्णोद्धार पर ही किया जाएगा।
ठेकेदार को भुगतान की शर्त
मरम्मत कार्य को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए नियम तय किए गए हैं। ठेकेदारों को भुगतान तभी किया जाएगा जब वे कार्य पूर्णता का प्रमाण-पत्र जमा करेंगे। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई है।
प्रदेशभर के स्कूलों को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत जिन जिलों में सबसे ज्यादा स्कूलों की मरम्मत की जाएगी, उनमें भीलवाड़ा (118), जयपुर (174), जोधपुर (72), कोटा (76), पाली (62), बाड़मेर (60), डिडवाना-कुचामन (60), नागौर (49), बांसवाड़ा (57) और बीकानेर (56) शामिल हैं।
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में समान रूप से ध्यान
सरकार का उद्देश्य यह है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्थित जर्जर स्कूल भवनों को सुधारकर बच्चों को सुरक्षित और अनुकूल शैक्षिक माहौल प्रदान किया जाए।
इस पहल से न सिर्फ स्कूल भवनों की हालत सुधरेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। स्थानीय लोगों और शिक्षकों में सरकार की इस पहल को लेकर संतोष और आशा का माहौल है।
