गंगापुर: डंपिंग यार्ड की बदहाली से गोवंश पर संकट, प्रशासन की चुप्पी से गहराया आक्रोश

गंगापुर (हलचल)। नगर पालिका गंगापुर के कचरा संग्रहण केंद्र (डंपिंग यार्ड) की बदहाल स्थिति वर्तमान में एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। पूर्व में स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पालिका प्रशासन से यार्ड की चारदीवारी मरम्मत एवं मुख्य द्वार (फाटक) लगाने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आई है।
खतरे में पशुधन: प्लास्टिक खाने को मजबूर गौवंश
डंपिंग यार्ड की दीवारें क्षतिग्रस्त होने के कारण बेसहारा गोवंश आसानी से कचरे के ढेर तक पहुंच रहा है। पूरे शहर का कचरा यहाँ एकत्रित किया जाता है, जिसमें भारी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य हानिकारक सामग्री होती है। इसे खाने से गोवंश गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहा है और असमय मृत्यु के मामले भी सामने आ रहे हैं। यह स्थिति पशु क्रूरता के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा है।
प्रशासनिक शिथिलता का खामियाजा
विदित रहे कि नगर पालिका का बोर्ड कार्यकाल पूर्ण होने के कारण प्रशासनिक गतिविधियों में शिथिलता देखी जा रही है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समाधान नहीं होने से जनता में रोष है। एक ओर 27 अप्रैल को गोमाता को "राष्ट्र माता" घोषित करने का अभियान चल रहा है, वहीं दूसरी ओर गंगापुर में गोवंश की ऐसी दयनीय स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
प्रमुख मांगें:
डंपिंग यार्ड की क्षतिग्रस्त चारदीवारी का शीघ्र पुनर्निर्माण।
मजबूत फाटक लगाकर गोवंश के प्रवेश पर पूर्ण पाबंदी।
कचरे के उचित प्रबंधन एवं पृथक्करण की प्रभावी व्यवस्था।
गोवंश की सुरक्षा हेतु स्थायी समाधान।
गंगापुर के गो-भक्तों ने प्रशासन से इस समस्या को प्राथमिकता पर लेते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि गोवंश की रक्षा और शहर की स्वच्छता बनी रहे।
