गंगापुर क्षेत्र में 12 गांवों में श्रद्धा के साथ मनाया गया शीतला सप्तमी का पर्व

गंगापुर (हलचल)। गंगापुर कस्बे सहित आसपास के 12 गांवों में शीतला माता का पर्व पूरी श्रद्धा और अटूट आस्था के साथ मनाया गया। जहां अधिकांश स्थानों पर अष्टमी के दिन माता की पूजा की जाती है, वहीं इन गांवों में वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार सप्तमी के दिन ही यह पर्व मनाया गया।
तड़के 4 बजे से शुरू हुआ पूजन का दौर
पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया। तड़के सुबह 4 बजे से ही घरों में पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो गई थीं। महिलाओं ने पारंपरिक गीतों के बीच माता को ठंडे व्यंजनों का भोग लगाया। एक दिन पूर्व तैयार किए गए पूड़ी, पकवान, दही, मिठाई और राबड़ी जैसे शीतल व्यंजनों को थाली में सजाकर माता के चरणों में अर्पित किया गया।
ओनली घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब
भोग लगाने के पश्चात महिलाएं सामूहिक रूप से ओनली घाट स्थित मंदिर एवं कस्बे के विभिन्न पूजा स्थलों पर पहुंचीं। सुबह से ही घाटों और मंदिरों में महिलाओं की भारी भीड़ जमा रही। सिर पर मंगल कलश और पूजा की थालियां लिए महिलाओं ने विधि-विधान से माता की पूजा की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा बच्चों की दीर्घायु की कामना की।
भक्तिमय हुआ वातावरण, रोगों से मुक्ति की मान्यता
कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में बैठकर शीतला माता के भजनों का कीर्तन किया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शीतला माता की पूजा करने से परिवार को मौसमी बीमारियों और चेचक जैसे रोगों से मुक्ति मिलती है। गंगापुर क्षेत्र के इन 12 गांवों में यह अनूठी परंपरा आज भी जीवंत है, जहां हर वर्ष इसी प्रकार भक्ति का ज्वार उमड़ता है।
