फर्ज के लिए न्योछावर कर दी जान: तीन साल के मासूम को बचाते हुए गेटमैन हरिओम अहिरवार शहीद

भीलवाड़ा - बरूंदनी रेलवे गेट पर बुधवार शाम घटित हृदयविदारक घटना ने पूरे जिले को शोकमग्न कर दिया। कर्तव्यनिष्ठ रेलवे गेटमैन हरिओम अहिरवार ने रेलवे ट्रैक पर आ गए तीन वर्षीय मासूम को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। उन्होंने साहस का परिचय देते हुए बच्चे को सुरक्षित किया, किंतु स्वयं ट्रेन की चपेट में आकर वीरगति को प्राप्त हो गए। घटना के बाद रेलवे विभाग, समाज एवं पैतृक गांव कादीसहाना में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, रेलवे कर्मचारियों एवं समाजजनों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
शिक्षा विभाग से संबंधित पूर्व प्रकाशित समाचारों के अनुसार स्व. हरिओम अहिरवार शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, बरूंदनी में शिक्षकों की कमी को देखते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को भौतिक विज्ञान एवं रसायन शास्त्र विषय पढ़ाने का संकल्प लिया। भामाशाह सम्मान समारोह में उनके शैक्षिक योगदान की सराहना की गई थी।
प्रान्तीय रैदास अहिरवार ऐरवाल महासभा के पूर्व अध्यक्ष जीवन ऐरवाल ने बताया कि (मेरे जीवन के) अध्यक्ष कार्यकाल में स्व. हरिओम अहिरवार ने संयोजक, सचिव एवं नवयुवक मंडल छात्रावास प्रभारी के रूप में कार्य किया। प्रथम प्रतिभा सम्मान समारोह एवं प्रथम रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में उनका विशेष सहयोग रहा।
राजू वर्मा ने बताया कि ऐरवाल रैदास समाज नवयुवक मंडल त्रिवेणी संगम द्वारा छात्रावास हेतु अभी तक पांच लाख रुपये की राशि एकत्रित करने तथा समस्त कागजी कार्यवाही में हरिओम अहिरवार की सक्रिय भूमिका रही।
महासभा के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. रामस्वरूप ने बताया कि ‘समाज पढ़े, आगे बढ़े’ परियोजना के अंतर्गत लगभग 200 विद्यार्थियों को परीक्षा दिलवाने एवं उत्तीर्ण विद्यार्थियों की कोचिंग फीस संस्था द्वारा वहन करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रही।
ऐरवाल रैदास समाज गुरु रविदास मंदिर निर्माण समिति की आपात बैठक में सर्वसम्मति से उनके अदम्य साहस को नमन करते हुए उन्हें “शहीद” का दर्जा प्रदान किया गया।
अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि सभा में समिति के कोषाध्यक्ष मांगीलाल खाचरोल, उपाध्यक्ष हेमराज रलायता, शिवलाल मांडल, सह सचिव श्रवण बिगोद, जगदीश माण्डल, राजेन्द्र बिगोद ,कंवरलाल शिवरती, कैलाश गेंदलिया, कन्हैयालाल जीत्या, प्रेमशंकर खाचरोल, बूंदी से महावीर, दुर्गेश, घनश्याम, कोटा से अक्षय वर्मा, चित्तौड़गढ़ से बालकिशन, टोंक से प्रकाश, झरना महादेव गुरु रविदास मंदिर निर्माण समिति के सचिव साँवरलाल, सत्यनारायण, सोनू ,तुलसीराम,सहित हजारों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
समाजजनों ने कहा कि हरिओम अहिरवार का यह बलिदान सदैव प्रेरणादायक रहेगा और उनकी कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।
