बालिकाएं नवाचार अपनाएं, समस्या समाधान के लिए बने सक्षम

भीलवाड़ा | अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस पर आज महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पुर में प्रधानाचार्य प्रेम शंकर जोशी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित कर 2026 की थीम *विजन से इंपैक्ट तक जेंडर गैप को कम करके एस.टी.ई.एम. को फिर से परिभाषित करना* पर विस्तार से चर्चा की गई। व्याख्याता लता परिहार ने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए बताया कि बालिकाओं को अपने सपने को पूरा करने के लिए जेंडर गैप को काम करके अपने जीवन में नवाचारों को अपनाते हुए अपनी समस्याओं के समाधान हेतु अपने आप को सक्षम बनाना चाहिए प्रधानाचार्य जोशी ने कहा कि एस.टी.ई.एम. का मतलब विज्ञान ,प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित है। जिसमें नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने वाले विषय शामिल है। यह समालोचनात्मक सोच के साथ समस्या समाधान और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करता है। इससे महिलाएं एवं बालिकाएं जटिल मुद्दों को निपटाने और सतत विकास में योगदान देने में सक्षम बनती है।जोशी ने सभी बालिकाओं को अ नवाचार अपनाने,जेंडर गैप कम करके अपने आप को समर्थ, सक्षम बनाने का संकल्प भी दिलाया। इस अवसर पर मीना सिऺहवी, सावित्री वैष्णव, भावना शर्मा, सीमा सेन रामजस रैगर, सपना बलाई, राजेश शर्मा, अनिल चौधरी आदि उपस्थित थे।
