वैश्विक संकट का भीलवाड़ा पर साया: एलपीजी आपूर्ति के लिए केंद्र ने लागू किया एस्मा

भीलवाड़ा। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच गहराते युद्ध और वैश्विक अस्थिरता ने अब स्थानीय अर्थव्यवस्था की कमर कसना शुरू कर दिया है। दुनिया भर में प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। सरकार ने रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को निर्देश दिए हैं कि वे एलपीजी का उत्पादन अधिकतम करें और प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्रोतों को एलपीजी पूल में डाइवर्ट करें। इससे पूर्व, जमाखोरी रोकने के लिए सिलेंडर बुकिंग की अवधि को भी 21 से बढ़ाकर 25 दिन किया जा चुका है।
टेक्सटाइल उद्योग और होटल व्यवसाय पर संकट के बादल
केंद्र के इस सख्त रुख और तेल कंपनियों द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर लगाई गई अघोषित रोक का सीधा असर भीलवाड़ा के औद्योगिक ढांचे पर पड़ा है। जिले के 26 टेक्सटाइल प्रोसेस हाउस इस समय गंभीर संकट में हैं। कपड़ों की फिनिशिंग और रुआं जलाने जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं के लिए यहां प्रतिदिन लगभग 5 हजार किलो गैस की खपत होती है। आपूर्ति बाधित होने से कपड़ा उत्पादन ठप होने की कगार पर है।
केवल उद्योग ही नहीं, बल्कि शहर का खान-पान व्यवसाय भी इसकी जद में है। नगर निगम में पंजीकृत लगभग 300 वेंडर्स और बड़े होटलों में रोजाना करीब 450 कमर्शियल सिलेंडरों का उपयोग होता है। आपूर्ति रुकने से रेस्टोरेंट और होटल संचालकों के सामने संचालन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
