अपनी भक्ति के साचे में डलवा दिया, उसको 84 के चक्कर में ढलवा दिया

अपनी भक्ति के साचे में डलवा दिया, उसको 84 के चक्कर में ढलवा दिया
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भीलवाड़ा (रमेश चंद्र डाड)श्रीमद् भागवत कथा 11 से 17 मार्च तक ऋष्य श्रृंग संस्थान, हरणी महादेव रोड, भीलवाड़ा में कथावाचक ने भागवत का महात्म्य का विस्तार से उल्लेख किया।

विशेष अनुग्रह अरुणा पारीक (धर्मपत्नी) आयोजक हर्षवर्धन, प्रहलाद, बालमुकुंद, बालस्वरूप, रविशंकर, विवेक पारीक एवं समस्त पारीक परिवार (खजूरी वाले) भीलवाड़ा ने बताया कि स्व.जगदीश प्रसाद पारीक की पावन पुण्य स्मृति में मेवाड़ धरा के सुप्रसिद्ध अथर्ववेदाचार्य श्रद्धेय कथावाचक भगवती कृष्ण महाराज के मुखारविंद द्वारा पितृ मोक्षदायिनी श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जो 17 मार्च मंगलवार तक ऋष्य श्रृंग संस्थान, हरणी महादेव रोड शास्त्रीनगर भीलवाड़ा में मध्यान्ह 12:15 बजे से 4:15 बजे तक की जाएगी।

श्रीमद् भागवत कथा के लिए पारीक परिवार द्वारा अधिक से अधिक कथा श्रवण करने भक्तों को पहुंचने का आव्हान किया जा रहा है। दूसरे दिन कथावाचक भगवतीकृष्ण महाराज ने वाचन में बताया कि श्री सुखदेव जन्म कथा, भगवान अवतारों की कथा के प्रसंग को विस्तार से उल्लेख किया गया। कितनो का दिल दुखाया, कितनो का दिल सताया, इसका हिसाब कर ले। क्या क्या कमाया हमने, आओ हिसाब कर ले। गुरु तारो पार ना पायो, पृथ्वी रा मालिक जिसको जलवा दिया, उसको जलवा दिया। अपनी भक्ति के साचे डलवा दिया, उसको 84 के चक्कर ढलवा दिया के साथ भक्तों को श्रीमद् भागवत का महात्म्य बताया। वही कहा कि श्रीमद् भागवत का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप जो श्रवण करता है या करवाता है उसका पुण्य बहुत बड़ा है। जो मनुष्य जैसा अन्य खाता है वह वैसा ही जीवन में व्यवहार करता है इसलिए आप सकारात्मक सहयोग, भावना के साथ जीवन जिये।

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