संकटग्रस्त राज्य पशु ऊँट के संरक्षण पर सरकार गंभीर हो-जाजू

संकटग्रस्त राज्य पशु ऊँट के संरक्षण पर सरकार गंभीर हो-जाजू
X

सिरोही। राजस्थान के राज्य पशु ऊँट की संख्या तेजी से घटकर मात्र 20 प्रतिशत रह जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए फॉर एनिमल के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने सरकार से ऊँट संरक्षण के प्रति ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते राज्य पशु को संरक्षण प्रदान नहीं किया गया तो आने वाले समय में ऊँट केवल पुस्तकों और तस्वीरों में ही दिखाई देगा।

सिरोही ज़िले में पीपल फॉर एनिमल सिरोही एवं महावीर ऊँट विहार संस्थान के भीलवाड़ा से सिरोही पहुंचकर निराश्रित बीमार पशुगृह एवं ऊंट संरक्षण केंद्र का अवलोकन के बाद जाजू ने कहा कि निराश्रित एवं बीमार ऊँटों के संरक्षण और उपचार में ये संस्थाएँ सराहनीय कार्य कर रही हैं। वर्तमान में इन संस्थाओं द्वारा 271 ऊँटों की सेवा-देखभाल, चारा-पानी एवं चिकित्सा व्यवस्था की जा रही है जो अद्भुत है। इनके द्वारा ऐसे ऊँटों को संरक्षण दिया जाता है जिन्हें अवैध रूप से बांग्लादेश एवं खाड़ी के देशों में कटने के लिए ले जाया जा रहा होता है। इनके द्वारा घायल एवं बीमार ऊँटों का इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया जा रहा है। जाजू ने राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं पशुपालन मंत्री से मांग की कि राज्य पशु ऊँट संरक्षण हेतु कार्यरत संस्थाओं को विशेष सहायता एवं अनुदान दिया जाए। उन्होंने परंपरागत रूप से ऊँट पालन करने वाली रेबारी जाति को अधिक अनुदान एवं प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की आवश्यकता बताई। सिरोही के जसराज श्रीश्रीमाल ने बताया कि किसी भी लावारिस ऊंटों को संरक्षण के लिए सिरोही भेजा जा सकता है, संस्था उनका संरक्षण करने के लिए तैयार है। इस दौरान पीएफए भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष सुनील जागेटिया एवं गोपाल बांगड़, सिरोही के जिलाध्यक्ष भरत सिंघवी, चंद्रभान मोटवानी, आशुतोष पटनी, मनोहर सिंह एवं महिपाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

Tags

Next Story