श्री हरि शेवा आश्रम में चैत्र नवरात्रि का भव्य समापन: स्वामी हंसराम उदासीन का मौन व्रत पूर्ण

श्री हरि शेवा आश्रम में चैत्र नवरात्रि का भव्य समापन: स्वामी हंसराम उदासीन का मौन व्रत पूर्ण
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भीलवाड़ा। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर स्थानीय श्री हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में आयोजित नवचंडी दुर्गा पाठ और अनुष्ठान से संपूर्ण क्षेत्र का वातावरण धर्ममय हो गया।

आश्रम में प्रतिदिन प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मण्डल पूजन, गणपति पूजन एवं माँ भगवती दुर्गा का विधिवत अभिषेक व हवन-यज्ञ संपन्न हुए। पंडित सत्यनारायण शर्मा, मनमोहन शर्मा एवं वासुदेव शर्मा द्वारा दुर्गा सप्तशती के पाठ से श्रद्धालुओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। दुर्गा अष्टमी पर आयोजित विशेष हवन में बड़ी संख्या में भक्तों ने आहुतियां देकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

मर्यादा पुरुषोत्तम का जन्मोत्सव और कन्या पूजन

शुक्रवार को रामनवमी के शुभ अवसर पर आश्रम में भगवान श्रीराम का विशेष पूजन किया गया। इस दौरान कन्या पूजन का आयोजन हुआ, जिसमें कन्याओं के चरण पखारकर उन्हें तिलक लगाया गया और श्रद्धापूर्वक भंडारा प्रसाद अर्पित किया गया। स्वामी हंसराम ने रामनवमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे अधर्म पर धर्म की विजय और मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों को जीवन में उतारने का पर्व बताया।

सनातन संस्कृति के प्रति स्वामी जी का कड़ा संदेश

चैत्र नवरात्रि के दौरान लिया गया स्वामी जी का मौन संकल्प आज रामनवमी पर पूर्ण हुआ। मौन खोलने के पश्चात उन्होंने सनातन धर्मावलंबियों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया। स्वामी जी ने हाल ही में अजमेर में एक माता के मंच पर कव्वाली और 'दमादम मस्त कलंदर' जैसे सूफी गानों के आयोजन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "हमें पंथों और सूफीवाद के भटकाव से बचकर अपनी मूल परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार उत्सव मनाने चाहिए। अपनी सांस्कृतिक जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए।"

इस अवसर पर संत मायाराम, राजाराम, गोविन्द राम, केशव राम, ब्रह्मचारी मिहिर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर मंत्रोच्चार और भजनों से गुंजायमान रहा।

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