भीलवाड़ा में बजरी माफिया का तांडव: SP की सख्ती बेकार, सड़कों पर मौत दौड़ रही बेख़ौफ़

भीलवाड़ा, : भीलवाड़ा में बजरी माफिया का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। पुलिस की तमाम सख्ती और कार्रवाइयों के बावजूद बागोर, बड़लियास, मंगरोप और सदर जैसे इलाकों में अवैध बजरी का काला कारोबार बेरोकटोक फल-फूल रहा है। तेज रफ्तार में दौड़ते बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और डंपर न सिर्फ सड़कों को तबाह कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों की जान के लिए भी खतरा बन गए हैं। माफिया को न तो कानून का डर है, न ही लोगों की जिंदगी की परवाह।
सुठेपा गांव में माफिया का कहर
कुछ दिन पहले बड़लियास थाना क्षेत्र के सुठेपा गांव में बजरी माफिया ने दहशत का आलम पैदा कर दिया। अवैध बजरी से भरी पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तेज रफ्तार में गांव की गलियों में घुसीं और आतंक मचाया। इन वाहनों ने बिजली के खंभे को टक्कर मारकर तोड़ दिया, एक मकान की दीवार और गेट को ध्वस्त कर दिया। टक्कर से हुए धमाके ने पूरे गांव को दहला दिया। ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे, तो ड्राइवर अपनी ट्रॉलियां छोड़कर रफूचक्कर हो गए। बड़लियास थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पांचों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया, लेकिन सवाल यह है कि माफिया की ऐसी हिम्मत कैसे हो रही है?
माफिया का बेख़ौफ़ खेल, प्रशासन की नाकामी
स्थानीय लोग बताते हैं कि बागोर, मंगरोप, बड़लियास और शहर के आसपास के इलाकों में बजरी के वाहन बेरोकटोक समूह में दौड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत के चलते यह धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा। सुठेपा गांव की घटना इसका जीवंत उदाहरण है, जहां माफिया ने न सिर्फ संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि लोगों की जान को भी खतरे में डाला। तेज रफ्तार में चलने वाले ये वाहन सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे हैं, और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
कब तक चलेगा यह खेल?
भीलवाड़ा में बजरी माफिया की बेलगाम हरकतें प्रशासन की नाकामी को उजागर कर रही हैं। आखिर कब तक ये मौत के सौदागर सड़कों पर बेख़ौफ़ दौड़ते रहेंगे? क्या एसपी की सख्ती सिर्फ दिखावा है, या वाकई इस माफिया राज पर लगाम लगेगी? ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस और खनन विभाग मिलकर सख्त कार्रवाई करें, ताकि न सिर्फ अवैध खनन रुके, बल्कि सड़कों पर लोगों की जान भी सुरक्षित रहे।
क्या भीलवाड़ा में बजरी माफिया का यह तांडव यूं ही चलता रहेगा, या प्रशासन इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा?
