राजस्थान में स्कंदमाता की प्रतिमा के दर्शन केवल श्री कल्लाजी वेदपीठ पर

राजस्थान में स्कंदमाता की प्रतिमा के दर्शन केवल श्री कल्लाजी वेदपीठ पर
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निम्बाहेड़ा, । नवरात्रि की पंचमी को स्कंद माताजी की पूजा को विशेष महत्व माना जाता है। इसी कड़ी में यह कहा जाए कि दक्षिण भारत के कई स्थानों पर स्कंद यानि कार्तिकेय एवं स्कंदमाता की पूजा पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ की जाती है। लेकिन उत्तर भारत में शक्ति पूजा के रूप में स्कंदमाता के चुनिंदा स्थान वाराणसी, उत्तराखंड व हिमाचल जैसे स्थानों पर स्कंदमाता के रूप में भले ही पूजा की जाती हो, लेकिन राजस्थान में कल्याण नगरी ही एक ऐसा स्थान है, जहां श्री कल्लाजी वेदपीठ पर पंचदेवों के मध्य सिंहवाहिनी स्कंदमाता की अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित है। जिसकी आराधना करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं। लेकिन नवरात्रि की पंचमी को वेदपीठ पर विराजित स्कंदमाता की विशेष पूजा, अर्चना और अनुष्ठान कर श्रद्धालुओं द्वारा सर्वत्र खुशहाली की कामना की जाती है। इसी कड़ी में आज भी नवरात्रि की पंचमी को वेदपीठ पर स्कंद माता का विशेष श्रृंगार कर आराधना की जाएगी। मान्यता है कि स्कंदमाता की आराधना से पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है, इसलिए माता व बहनें स्कंदमाता की विशेष आराधना करती हैं।

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