मैडिटेशन के द्वारा सहनशीलता को बढ़ाएं- ब्रह्माकुमारी तरुणा बहन

मैडिटेशन के द्वारा सहनशीलता को बढ़ाएं- ब्रह्माकुमारी तरुणा बहन
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भीलवाड़ा । मानसरोवर झील के सामने स्थित पूर्व सैनिकों के पॉलीक्लिनिक में ब्रह्माकुमारी तरुणा बहन ने मेडिटेशन पर संबोधित करते हुए कहा कि हमारे शरीर की आवश्यकता पांच तत्व क्रमशः प्रथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश का संतुलन है, यदि यह संतुलन बिगड़ता है तो हम इस अस्वस्थ महसूस करते हैं | इसी प्रकार हमारी आत्मा की आवश्यकता आत्मा के सात मौलिक गुण क्रमशः शांति, आनंद, प्रेम, सुख, पवित्रता, ज्ञान और शक्ति है | इन 7 गुणों की प्राप्ति हम मेडिटेशन के माध्यम से, परमात्मा से योग युक्त होकर करते हैं | आपने कहा कि जीवन में शांति और ता लिए सहनशीलता का होना बहुत जरूरी है | सहनशीलता की कमी के कारण हम पुरानी बातों की गांठ बांध कर रखते है, उसी का चिंतन करते रहते हैं और अशांत होते रहते हैं | मेडिटेशन हमें सहनशीलता की शक्ति प्रदान करता है | आपने कमेन्ट्री के द्वारा मैडिटेशन का अभ्यास कराया |

पॉलीक्लिनिक के प्रभारी लेफ्टिनेंट कर्नल रक्षपाल सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए सभी को मेडिटेशन का अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि मेडिटेशन से तनाव कम होता है, संबंधों में सुधार होता, विचारों में शुद्धता आती है और कार्य क्षमता बढ़ती है | अमोलक भाई नें ब्रह्माकुमारी संस्था क संशिप्त परिचय दिया |

कार्यक्रम में 25 पूर्व सैनिकों के अतिरिक्त पॉलीक्लिनिक के स्टाफ वह चिकित्सक भी उपस्थित थे|

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